
सपा नेता आजम खान
आजम खान जिनकी यूपी की राजनीति में तूती बोलती थी। उनके बयान तो चर्चा में रहते ही थे। उनके अंदाज के भी लोग दीवाने थे। सत्ता में उनकी हनक सभी ने देखी है। अमर सिंह भी उन्हीं की राजनीति के शिकार हुए थे। आज वही आजम खान अर्श से सीधे फर्श पर पहुंच गए हैं।
उनका रामपुर का किला भी उपचुनाव में ध्वस्त हो गया। ऐसे में उनके सामने राजनीतिक जमीन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कम ही लोग जानते हैं आजम खान को अर्श से फर्श तक पहुंचाने में अ नाम वालों को विशेष योगदान रहा है। आइए जानते हैं अ नाम वाले वे कौन से लोग हैं जिन्होंने आजम का सबसे गहरी चोट पहुंचाई।
अमर सिंह आजम को सपा से कराया था निष्कासित
समाजवादी पार्टी में रहते हुए आजम खान और अमर सिंह में कभी नहीं पटी। दोनों की जुबानी जंग जगजाहिर है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में अमर सिंह के दबाव में रामपुर सीट पर सपा ने जयाप्रदा को मैदान में उतारा था। आजम खान ने जया प्रदा का खुलकर विरोध किया था। इसके बाद भी जयप्रदा चुनाव जीत गई।
अमर सिंह के दबाव में मुलायम सिंह ने आजम खान को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 2010 में अमर सिंह ने भी समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता, महासचिव और संसदीय बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। 2016 में मुलायम सिंह ने अमर सिंह को दोबारा सपा में शामिल कराया था।
1996 में अफरोज से हारे थे आजम खान
वर्ष 1996 के चुनाव में कांग्रेस ने आजम खान के खिलाफ अफरोज अली खां को मैदान में उतारा था। किसी को उम्मीद नहीं थी कि आजम खान को गढ़ में कोई हरा सकता है। कड़े मुकाबले में अफरोज अली खां ने आजम को शिकस्त दी थी
अजय सिंह बिष्ट ने पहुंचाई सबसे अधिक चोट
आजम खां की मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से अदावत जगजाहिर है। मुख्यमंत्री का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है। आजम और आदित्यनाथ की अदावत ढ़ाई दशक से चली आ रही है। यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद जब 2017 में बीजेपी की सरकार बनी तभी से आजम खान की मुश्किल सबसे अधिक बढ़ गई। आजम खान को जेल भी जाना पड़ा।
आन्जनेय कुमार सिंह भी आजम पर पड़े भारी
यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद तत्कालीन डीएम आन्जनेय कुमार सिंह ने आजम खान ने पंगा लिया। इसके बाद से ही आजम खान की मुसीबत बढ़ने लगी। डीएम ने आजम खान के खिलाफ सबसे पहले कार्रवाई शुरू की।
आकाश सक्सेना के चलते आजम को जाना पड़ा जेल
बीजेपी नेता आकाश सक्सेना से आजम खान की अदावत जगजाहिर है। आकाश सक्सेना ने आजम खान पर एक के बाद एक कर कई मुकदमें दर्ज कराए। इससे आजम खान की मुश्किल बढ़ी और उन्हें जेल जाना पड़ा।
एसपी अजय पाल शर्मा ने तोड़ी आजम की कमर
तत्कालीन एसपी रामपुर अजय पाल शर्मा को भी आजम खान ने निशाने पर लिया था। उन्होंने एसपी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। एसपी ने भी आजम खान पर ताबड़तोड़ कराई। अजय पाल शर्मा ने ही आजम के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की थी। एसपी द्वारा मुनादी कराने के बाद आजम खान को जेल जाना पड़ा था।
आसिम और आकाश की जंग में आजम का बहाने पड़े आंसू
रामपुर विधानसभा उपचुनाव 2022 में सपा ने आसिम और बीजेपी न आकाश को मैदान में उतारा आसिम और आकाश की जंग में आजम को आंसू तक बहाने पड़े। अखिलेश यादव की जनसभा में मंच से आजम खां ने एसपी अशोक कुमार शुक्ला पर तंज कसा। अब आकाश की जीत के साथ ही आजम की परम्परागत सीट भी हाथ से निकल गई।
वर्ष 1980 से रामपुर में कायम था आजम खान का वर्चस्व
रामपुर में 1980 से ही आजम खान का कब्जा रहा। वह 1980 में जनता पार्टी सेक्युलर के टिकट पर पहली बार रामपुर सदर से चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 1985 में लोकदल, 1989 में जनता दल, 1991 में जनता पार्टी और 1993 में समाजवादी पार्टी के विधायक चुने गए। वैसे 1996 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के अफरोज अली खां से पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में आजम खां ने फिर रामपुर सदर सीट पर कब्जा जमा लिया।
इसके बाद 2007, 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आजम खां ही विधायक चुने गए। 2019 में रामपुर लोकसभा चुनाव जीतने पर उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2019 में हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी तजीन फातिमा सपा के टिकट पर जीत कर विधानसभा पहुंचीं थी।
गढ़ में आजम खान की लगातार दूसरी हार
पिछले दिनों आजम खान ने लोकसभा से त्यागपत्र दिया तो सीट पर उपचुनाव हुआ। उपचुनाव में आजम खान के करीबी आसिम रजा को सपा ने मैदान में उतारा था। चुनाव में बीजेपी के घनश्याम सिंह लोधी ने आसिम को 42 हजार 192 मत से पराजित किया था। पिछले दिनों आजम खान को सजा के बाद रामपुर सीट खाली हुई तो उपचुनाव कराया गया। उपचुनाव में बीजेपी के आकाश सक्सेना ने सपा के आसिम रजा को 33702 मतों से हरा दिया।
Published on:
10 Dec 2022 07:05 am

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