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गल्ले की दुकान बची रहे इसलिए कोटेदार कर रहे यह बड़ा खेल, सरकार की मंशा पर फिर रहा पानी

पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों का नाम समूह में डलवाकर राशन की दुकान के लिए कर रहे आवेदन सरकार ने दिया है निर्देश स्वयं सहायता समूहों को दुकान आवंटन में दी जाय प्रथम वरियता शिकायत के बाद गंभीर हुए डीएम, जारी किया दिशा निर्देश

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Ration Shop

राशन की दुकान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सरकार लाख कायदे कानून बनाए लेकिन भ्रष्टाचारी अपने लिए रास्ता बना ही लेते हैं। ताजा मामला सरकारी गल्ले की दुकान के आवंटन का है। सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने व गल्ला वितरण में मनमानियों पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत उचित दर दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्रथम वरीयता प्रदान करने का निर्देश दिया। ताकि दुकान एक के नाम हो और आमदनी में सभी सदस्यों को भागीदारी मिल सके लेकिन कोटेदारों ने इसमें भी खेल शुरू कर दिया है। अब कोटेदार अपनी पत्नी या किसी और को समूह का सदस्य बना रहे हैं फिर उन्हीं के नाम से आवेदन कर रहें। इसकी शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत देते हुए निर्देश जारी किया है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि कुछ ग्राम पंचायतों में स्वयं सहायता समूह को राशन की दुकान के आवंटन में यह शिकायत प्राप्त हो रही है कि वर्तमान कोटेदार स्वयं के घर की महिला सदस्य को शामिल करते हुए स्वयं सहायता समूह का गठन कर राशन की दुकान के आवंटन के लिए आवेदन कर रहे हैं, अथवा अपने परिवार के सदस्यों को पूर्व से गठित स्वयं सहायता समूह में सदस्य के रूप में शामिल कराकर स्वयं सहायता समूह द्वारा राशन की दुकान के आवंटन के लिए आवेदन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राशन की दुकान के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्रथम वरीयता दिये जाने के शासन के इस निर्णय के अंतर्गत दुकान स्वयं सहायता समूहों के नाम आवंटित होना है और आमदनी भी समानुपातिक रूप से सभी सदस्यों के बंटना है। नये समूह राशन की दुकान के आवेदन के लिए ही गठित करना अथवा नए सदस्यों का नाम जोड़ना शासन के मंशा के विपरीत है।

इस बारे में जिलाधिकारी ने निर्देश जारी किया है। इसके तहत अन्तर्गत खाद्य एवं रसद अनुभाग-6 के शासनादेश 07 जुलाई 2020 निर्गत होने की तिथि से पूर्व में गठित स्वयं सहायता समूहों को ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का आवंटन किया जायेगा। ग्राम पंचायतों में जहां 07 जुलाई 2020 के पूर्व स्वयं सहायता समूह गठित नहीं हैं तथा नये स्वयं सहायता समूह गठित किया जाना है, वहां पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ एनआरएलएम के निर्देशों के अन्तर्गत समूह गठन किया जायेगा तथा समूह गठन में मानक से अधिक सदस्यों के आवेदन करने की स्थिति में Poorest of the poor पद्धति के आधार पर सर्वाधिक निर्धन परिवारों से चयन किया जायेगा।

ऐसे नये स्वयं सहायता समूह अगर राशन की दुकान के आवंटन के लिए आवेदन करते हैं तो मिशन निदेशक, उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का पूर्वानुमोदन आवश्यक होगा। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासनादेश में दिये गये दिशा निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत रिक्त उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता प्रदान करना सुनिश्चित करें।

BY Ran vijay singh