1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूर्वांचल विकास के लिए निःस्वार्थ व ईमानदारी से सेवा देने वालों की जरूरत : दीनानाथ

पूर्वांचल पिछड़ा क्यों, कारण और निवारण विषय पर हुई गोष्ठी

2 min read
Google source verification

image

Sarweshwari Mishra

Jan 16, 2017

Seminar

Seminar

आजमगढ़. हम पूर्वांचल के और पूर्वांचल हमारा की भावना लेकर सामाजिक संगठन पूर्वांचल विकास आंदोलन के तत्वाधान में पूर्वांचल पिछड़ा क्यों, कारण और निवारण विषय पर अग्रसेन महिला महाविद्यालय में गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता दीनानाथ लाल श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित व महाराजा अग्रसेन के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।



डा.शारदा सिंह ने पूर्वांचल विकास आंदोलन के मुहिम की सराहना की और शिक्षा व्यवस्था एवं इसकी दयनीय दशा को पिछड़ेपन का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने लोगों से जाति व सम्प्रदायवाद के मकड़जाल से बाहर निकल कर पूर्वांचल के लिए सच्चाई व ईमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन करने पर जोर दिया। शकील अहमद ने पूर्वांचल के विकास में राजनीतिक दुर्भावना को कोसते हुए कहा कि यहां काम कम बातें ज्यादा होती हैं। उनन तिवारी ने नारी शिक्षा व नारी सशक्तिकरण की कमजोरी को पूर्वांचल विकास का रोड़ा बताया। समाजसेवी राधेमोहन गोयल ने क्षेत्र के युवा शक्ति के लिए खेदकूद एवं उनसे जुड़े कारणों के प्रति राजनीतिक उदासीनता को प्रमुख कारण माना।




इस अवसर पर प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वांचल देश की स्वाधीनता आंदोलन से राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान किया है। आज पूर्वांचल युवा शक्ति व प्रबुद्ध लोगों से सम्पन्न होते हुए भी विकास के पथ पर बहुत पीछे है जिसके कारण और निवारण विषय पर चिंतन, मंथन हेतु ही पूर्वांचल विकास आंदोलन की स्थापना की गयी है। पूर्व प्राचार्य दीनानाथ लाल श्रीवास्तव ने कहा कि क्षेत्र के विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व सुरक्षा का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्वांचल के साथ यह सौभाग्य अभी अधूरा सा लगता है जिसके लिए निःस्वार्थ व ईमानदारी से सेवा देने वालों की जरूरत है। इस अवसर पर आद्या प्रसाद सिंह, अभिषेक पंडित, कल्पनाथ सिंह, जगदीश प्रसाद बरनवाल, राम नयन शर्मा, पूनम सिंह, विश्वजीत सिंह, सुधीर अग्रवाल, सतीश रघुवंशी, शरद कुमार सिंह, मनीष रत्न अग्रवाल, राशिद अनवार, लालबहादुर सिंह, रविंद्र सिंह, हृदय सिंह, रामकवल यादव, आनन्द प्रकाश तिवारी, रमेश राय आदि उपस्थित रहे। संचालन सुबाष चंद्र दूबे तथा विजयेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने संयुक्त रुप से किया।

ये भी पढ़ें

image