इस अवसर पर प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि पूर्वांचल देश की स्वाधीनता आंदोलन से राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान किया है। आज पूर्वांचल युवा शक्ति व प्रबुद्ध लोगों से सम्पन्न होते हुए भी विकास के पथ पर बहुत पीछे है जिसके कारण और निवारण विषय पर चिंतन, मंथन हेतु ही पूर्वांचल विकास आंदोलन की स्थापना की गयी है। पूर्व प्राचार्य दीनानाथ लाल श्रीवास्तव ने कहा कि क्षेत्र के विकास में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क व सुरक्षा का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्वांचल के साथ यह सौभाग्य अभी अधूरा सा लगता है जिसके लिए निःस्वार्थ व ईमानदारी से सेवा देने वालों की जरूरत है। इस अवसर पर आद्या प्रसाद सिंह, अभिषेक पंडित, कल्पनाथ सिंह, जगदीश प्रसाद बरनवाल, राम नयन शर्मा, पूनम सिंह, विश्वजीत सिंह, सुधीर अग्रवाल, सतीश रघुवंशी, शरद कुमार सिंह, मनीष रत्न अग्रवाल, राशिद अनवार, लालबहादुर सिंह, रविंद्र सिंह, हृदय सिंह, रामकवल यादव, आनन्द प्रकाश तिवारी, रमेश राय आदि उपस्थित रहे। संचालन सुबाष चंद्र दूबे तथा विजयेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने संयुक्त रुप से किया।