
अभिषेक सिंह आंसू
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. यूपी और आजमगढ़ की राजनीति में शनिवार को दिन बड़े उलटफेर वाला रहा। पहले प्रसपा के प्रदेश सचिव रामदर्शन यादव ने बीजेपी का दामन थाम लिया। वहीं दोपहर बाद प्रसपा मुखिया शिवपाल यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने करीबी नेता पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंह आंसू को पार्टी से निष्कासित कर दिया। अभिषेक के पार्टी से निष्कासन से प्रसपा के साथ सपा को भी नुकसान उठाना होगा। कारण कि समाजवादी सवर्ण नेेताओं में उनकी गहरी पैठे है। सूत्रों की माने तो आंसू शाम तक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक सिंह आंसू मूलरूप से आजमगढ़ जिले के जियापुर हड़ौरा गांव के रहने वाले है। अभिषेक छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने समाजवादी छात्र सभा लखनऊ विश्वविद्यालय संगठन मंत्री पद से वर्ष 1998 में सपा की राजनीति शुरू की थी। वे समाजवादी पार्टी में विभिन्न पदों पर रहे। यह युवा नेता कभी अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में गिना जाता था। सपा में उसकी गहरी पैठ थी।
वर्ष 2016 में सपा कुनबे में विवाद शुरू हुआ और शिवपाल यादव सपा से अलग हुए तो अभिषेक सिंह उनके साथ चले गए। अभिषेक को शिवपाल का करीबी माना जाता है। शिवपाल ने प्रसपा का गठन किया को अभिषेक को प्रमुख महासचिव व पार्टी प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी। पार्टी के गठन के बाद शिवपाल यादव कई बार अभिषेक के घर आए। माना जाता था कि पार्टी में उनका कद आदित्य जैसा है लेकिन शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव के निर्देष पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने उनके निष्कासन का पत्र जारी किया। पत्र में निष्कासन की वजह नहीं बताई गयी है लेकिन माना जा रहा है कि हाल में अभिषेक की बीजेपी से नजदीकी के कारण उन्हें पार्टी से निकाला गया है। सूत्रों की मानें तो आज शाम तक आंसू बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। वैसे खुद अभिषेक अभी इस मुद्दे पर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
Published on:
18 Jun 2022 04:41 pm
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