वहीं विधान परिषद सदस्य पूर्व मंत्री बलराम यादव को मुलायम सिंह के करीबी होने का लाभ मिला और वह मंत्री बन गये। बलराम की दावेदारी ऐसे भी थी कि उनके बेटे डा. संग्राम यादव विधायक चुने गये थे। बलराम यादव समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार किये जाते हैं। इनके अतिरिक्त वसीम अहमद को भी राज्यमंत्री बना दिया गया। ईमानदार नेताओं की पंक्ति में गिने जाने वाले आलमबदी जिसके लिए मुलायम सिंह ने कहा था कि मुझे आलमबदी जैसे फकीर की जरूरत है, को सत्ता मिलते ही मंत्री पद के लायक नही समझा गया। इनके अतिरिक्त आधा दर्जन नेताओं को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया।