
ठाकुर मनोज सिंह
आजमगढ़. अपने कारनामों के चलते अक्सर चर्चा में रहने वाले मार्टिनगंज ब्लाक प्रमुख ठाकुर मनोज सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। नाराज क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस देने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगा है। कारण कि फ्रॉड के चलते जनता दल, सपा सहित कई राजनीतिक दल उनसे पल्ला झाड़ चुके है। ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी उनके राजनीतिक कैरियर के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी लेकिन जिस तरह भाजपाई पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरे है उससे कुर्सी छिनना लगभग तय माना जा रहा है।
बता दें कि मार्टिनगंज क्षेत्र पंचायत में 97 सदस्य हैं जो क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव करते हैं। 07 फरवरी 2016 को हुए चुनाव में मार्टिनगंज ब्लाक से बीजेपी के सौरभ सिंह सोनू ब्लाक प्रमुख चुनाव जीते था। 26 नवंबर 2016 को दुर्घटना में सौरभ सिंह का निधन होने के बाद यह सीट खाली हो गयी थी। वर्ष 2017 में इस सीट पर उपचुनाव कराया गया था। उस समय सपा के पूर्व नेता ठाकुर मनोज सिंह मैदान में उतरे तो बीजेपी से सौरभ के छोटे भाई गौरव सिंह मोनू ने चुनाव लड़ा। 13 अगस्त 2017 को हुए मतदान में ठाकुर मनोज विजयी रहे।
लेकिन फ्रॉड के मामलों में वारंट होने के कारण वे महीनों तक शपथ नहीं ले पाए। 30 अक्टूबर 2017 को मनोज सिंह ने ब्लॉक प्रमुख पद की शपथ ली। इसके बाद मनोज विरोधी ही नहीं अपने समर्थक बीडीसी सदस्यों की भी उपेक्षा करने लगे। जिससे उनके समर्थक बीडीसी भी नाराज हो गए और गौरव सिंह के पाले में चले गए।
सोमवार को इनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस डीएम को सौंपी गयी। अब बुधवार को डीएम कार्यालय पर बीडीसी सदस्यों की परेड होगी। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए तिथि का निर्धारण किया जायेगा। वर्तमान में मनोज सिंह मुंबई में है और अविश्वास प्रस्ताव पर उनके साथ खड़ा होता कोई नहीं दिख रहा है। ऐसे में उनकी कुर्सी जानी तय मानी जा रही है।
कारण कि मनोज सिंह ने पिछले चुनाव में जिनका समर्थन लिया था उन्हें भी अपना दुश्मन बना लिया है। यहां तक कि मनोज ने सर्वेश जायसवाल से चुनाव के दौरान करीब 5 लाख रूपया लिया और चुनाव के बाद देने से न केवल मुकर गया बल्कि मांगने पर जानलेवा हमला भी किया।
इसके अलावा मनोज ने आजमगढ़ कानपुर के दर्जनों लोगों से एडमिशन, नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रूपये लिया है। यहीं नहीं खुद को सपा का एमएसली बताकर वह मुंबई में करोड़ों रूपये का घोटाला कर चुका है। कई मामलों में मनोज सिंह को जेल भी भेजा जा चुका है। सपा, जनता दल सहित कई राजनीतिक दल पहले ही कह चुके है कि उनका मनोज सिंह से कोई संबंध नहीं है। कई मामलों में उसके खिलाफ वारंट भी है। ऐसे में अगर मनोज सिंह की कुर्सी छिन गयी तो उसे किसी भी दल में राजनीतिक संरक्षण मिलना मुश्किल है।
BY- RANVIJAY SINGH
Published on:
27 Nov 2018 06:14 pm
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