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मामूली विवाद ने फौजी के बेटे सचिन को बना दिया था डी16 गैंग का सरगना, अब पुलिस ने…

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया कान्ट्रेक्ट किलर डीएवी में एडमीशन के बाद गलत संगत में पड़ चुना अपराध का रास्ता

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criminal sachin pandey

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया कान्ट्रेक्ट किलर डीएवी में एडमीशन के बाद गलत संगत में पड़ चुना अपराध का रास्ता

आजमगढ़. राजधानी लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया कान्ट्रेक्ट किलर सचिन पांडेय कभी गांव का सबसे सीधा साधा युवक माना जाता था लेकिन भूमि विवाद और मनबढ़ों के साथ ने उसे डी-16 गैंग का सरगना और कांट्रेक्ट किलर बना दिया। वर्ष 2013 में भूमि विवाद में ही सचिन ने पहली हत्या की तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम देता गया। केवल आजमगढ़ में उसके खिलाफ 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

सचिन ने आजमगढ़ में सीओ के काफिले पर हमला किया था तो वाराणसी के डिप्टी जेलर अनिल त्यागी की हत्या में भी इसका नाम आया था। सूत्रों की माने तो हाल में ही उसने जिले के एक ग्राम प्रधान के हत्या की सुपारी ली थी। यहीं नहीं एसटीएफ ने भी आशंका जताई है कि सचिन लखनऊ में भी किसी की हत्या करने के लिए गया था। सचिन पर आजमगढ़ में 25 हजार का ईनाम भी घोषित था।

जिले के निजामाबाद कस्बा निवासी सचिन पांडेय के पिता दिनेश पांडेय सेना में चालक पद से सेवानिवृत्त हुए है। तीन भाई बहनों में बड़ा सचिन कभी गांव का सबसे सीधा नौजवान हुआ करता था। उसी दौरान निजामाबाद कस्बा के कृष्णानगर मोहल्ले में स्थित सचिन के कीमती भूखंड पर कस्बे के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। विवाद का असर बेटे पर न पड़े इसलिए दिनेश ने सचिन का एडमीशन डीएवी कालेज में करा दिया। यहां सचिन को मनबढ़ों का साथ मिला और उसने भूमि खाली कराने के लिए वर्ष 2013 में एक कब्जेदार की हत्या कर दी। इसके बाद सचिन के अपराध का सिलसिला शुरू हुआ को आज उसकी मौत के बाद थमा।

सचिन के खिलाफ केवल आजमगढ़ में हत्या, लूट, रंगदारी, हत्या का प्रयास सहित 23 आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। 17 सितंबर 2013 में ही सचिन ने अंडर ट्रेनिंग आईपीएस शैलेश पांडेय के काफिले पर हमला किया था। जिसमें उनका गनर रजनीश सिंह गोली लगने से घायल हो गया था। सचिन के अपराध की फेहरिश्त काफी लंबी है। उसने डी-16 नाम से गैंग भी बना रखा था जिसमें 11 सक्रिय सदस्य है। बलवंत उर्फ बाले व वैभव यादव को इसका राइट हैंड माना जाता है।

हाल ही में सचिन ने कप्तानगंज थाना क्षेत्र के श्रीकांतपुर के ग्राम प्रधान शिवपूजन यादव के हत्या की सुपारी ली थी। एक नवंबर को जौनपुर जनपद में हुई डकैती में भी इसके शामिल होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। कारण कि एनकाउंटर के दौरान सचिन ने जो शर्ट पहनी है वैसी ही शर्ट डकैती के दौरान नकाबपोश बदमाश ने भी पहन रखी थी।