
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट एन पी सिंह
आजमगढ़. जघन्य घटनाओं को अपनी कार्यकुशलता के जरिए पर्दाफाश कर आरोपितों को जेल की सलाखों में पहुंचाने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, कोतवाल और दारोगा को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने मेडल देने की घोषणा की है। इस घोषणा में जिले के अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नरेंन्द्र प्रताप सिंह के नाम का भी चयन किया गया। मेडल के लिये चयनित होने के बाद विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों सहित अन्य लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
बतातें चलें कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बेहतरीन विवेचना करने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ अधिकारियों को मेडल के लिए चयनित किया है। उसमें आजमगढ़ जिले के एसपी ग्रामीण नरेन्द्र प्रताप सिंह भी है। इनके अलावा अन्य जनपदों में तैनात डिप्टी एसपी वंदना सिंह, इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार वर्मा, इंस्पेक्टर पंकज मिश्रा, इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह, इंस्पेक्टर लेखराज सिंह, इंस्पेक्टर विजय कुमार चौरसिया और सब इंस्पेक्टर अनु तोमर को मेडल मिलेगा।
वर्ष 2015 में बागपत जिले में एक आठ वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म कर उसकी निर्मम तरीके से हत्या की गयी थी। क्षेत्राधिकारी के पद पर रहते हुए एसपी ग्रामीण नरेन्द्र प्रताप सिंह ने इस अनसुलझे जघन्य हत्याकांड की न केवल निष्पक्ष जांच की बल्कि वैज्ञानिक विधियों से हत्या का खुलासा कर दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी घटना की बेहतरित विवेचना करने के चलते उनको केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने मेडल के लिए उनका नाम चयनित किया है।
1997 कैडर के पीपीएस अधिकारी हैं एनपी सिंह
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले एनपी सिंह 1997 कैडर के पीपीएस अधिकारी है। वह मई 2017 से आजमगढ़ जनपद में एसपी ग्रामीण के पद पर अपनी सेवा दे रहे हैं। जिले में भी उन्होने अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कई मुठभेड़ में अपराधियों को मार गिराया और कई को जेल की सलाखों में भेज दिया। इसके अतिरिक्त जिले में जहरीली शराब के करोबारियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष और व्यापक पैमान पर अभियान चला कर हजारों लीटर कच्ची शराब बरामद करने व संलिप्त दर्जनों लोगों को गिरफ्तार करने की उपलब्धि भी रही है।
BY- RANVIJAY SINGH
Published on:
01 Mar 2019 08:23 pm
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