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BADWANI NEWS : आठ वर्ष पूर्व हाट बाजार स्थानांतरित कर भूली नगर पालिका

-कच्चे मैदान में बारिश से दुकानदार झेल रहे परेशानी, पेयजल तक की नहीं होती पर्याप्त व्यवस्था

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 Barwani's market

Barwani's market

बड़वानी. शहर में कई दशकों से प्रति रविवार हाट बाजार लगता हैं। इसमें 800 से 1 हजार के करीब अस्थाई दुकान लगती हैं। जिसमें घरेलु आवश्यकता सहित खाने-पीने की सामग्री की लोग खरीदी करते हैं। बीते आठ वर्ष से यह हाट बाजार को नगर पालिका ने न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मैदान में स्थानांतरित किया हैं। इतने वर्षांे में अब तक दुकानदारों के लिए नगर पालिका कोई खास व्यवस्था नहीं जुटा पाई हैं।
वैसे न्यू हाउसिंग बोर्ड मैदान में अब तक पर्याप्त मात्रा में दुकानें नहीं लग पा रही हैं। इसका कारण दुकानदार बाहर रोड किनारों पर व्यवस्थित जगहों पर दुकानें ंलगाना अधिक पसंद करते हैं। इसका कारण हाट बाजार का मैदान कच्चा होना हैं। कच्ची जमीन होने से गर्मी में धूल के गुब्बार उड़ते हैं, जो सीधे तौर पर खाद्य सामग्रियों को प्रभावित करते हैं। वहीं बारिश के दौरान हाट बाजार के दुकानदारों को खासी परेशानी झेलना पड़ती हैं। अचानक तेज बारिश होने पर कई बार लोगों की सामग्री भीग जाती हैं, मिट्टी में मिल जाती हैं, तो कई प्रकार की सामग्री नष्ट भी हो जाती हैं। जबकि मिर्च, मसाले, कपड़े भीग जाते हैं। जब आठ वर्ष पूर्व यहां हाट लगने लगा था, तब शुरूआती दौर में नगर पालिका लाइनिंग कर दुकानें लगवाती थी, लेकिन उसके बाद धीरे धीरे जिम्मेदारों ने ध्यान देना बंद कर दिया।
पार्किंग-यातायात की व्यवस्था नहीं
हाट बाजार की जगह भी समतल नहीं होने और लोगों के रोड किनारे ही दुकानों पर खरीदी करने से अधिकांश दुकानदार हाट बाजार से लेकर रैदास मार्ग व पालाबाजार तक दुकाने लगाने लगे। इससे प्रति रविवार हाट स्थल से लेकर पालाबाजार तक बाइक निकालना भी मुश्किल रहता हैं। यहां तक की हाट बाजार में कहीं भी पार्किंग के लिए कोई रिवर्ज स्थान खाली नहीं रहता। हाट करने आने वाले दुकानदार अपने चार पहिया वाहन मैदान के पीछे की ओर पार्क करते हैं। वहीं ग्राहक बाइक लेकर दुकानों के सामने ही रूक जाते हैं। इससे यातायात भी अवरूद्ध होता हैं7
कॉलोनी की गलियां बनी बाजार
शहर व आसपास नगर-गांव के दुकानदार मैदान को छोडकऱ कॉलोनी की गलियों में दुकानें लगाने लगे हैं। इससे कॉलोनीवासियों के सामने भी समस्या होने लगी हैं। वर्तमान में हाट बाजार मैदान से लेकर रैदास मार्ग की ओर और यातायात थाने के रास्ते पर कॉलोनी के मार्ग पर सुबह से शाम तक दुकानें लगती हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों को अपने घरों के सामने बाइक-वाहन खड़े करना दुश्वार होता है।
प्रति सोमवार सुबह मिलता हैं कचरा कूड़ा
हाट बाजार में अस्थाई दुकानदारों द्वारा स्वच्छता को लेकर कोई प्रबंध नहीं अपनाया जाता। इसके चलते हाट बाजार के दूसरे दिन यानी सप्ताह के पहले दिन सोमवार सुबह लोगों के घरों के सामने गंदगी व कचरा पसरा मिलता हैं। इसकी सफाई नपा कर्मियों को मशक्कत करना पड़ती हैं। कागन, पन्नी, प्याज, लहसुन के छिलके सहित अन्य प्रकार का कचरा फैलता हैं। इससे एलर्जी से पीडि़त लोग अधिक परेशान होते हैं।
पहले शहर के मध्य लगता था हाट
उल्लेखनीय हैं कि वर्ष 2015 तक शहर में हाट बाजार मुख्य झंडा चौक, रणजीत चौक, एमजी रोड, देवीसिंह मार्ग, मोटीमाता, रोटरी स्कूल व पालाबाजार तक लगता था। इस दौरान भीड़भाड़, संकरे बाजार और आपातकालिन परिस्थितियों के मद्देनजर नगर पालिका ने हाट बाजार को धोबडिय़ा तालबा की पाल के समीप न्यू हाउसिंग बोर्ड मैदान में स्थानांतरित करवाया। हालांकि मैदान में जितनी दुकानें लगती हैं, उससे कहीं अधिक कॉलोनी के मार्ग व रैदास पर लग रही हैं। प्रति रविवार करीब 1 हजार अस्थाई दुकानें लगती हैं। इसमें अनाज, फल, सब्जी, झाडू से लेकर घरेलु आवश्यकता की हर सामग्री लोग खरीदने पहुंचते हैं।
यह सुधार हो सकता हैं
नगर पालिका प्रत्येक अस्थाई दुकानदार से 10 रुपए शुल्क वसूलती हैं। ऐसे में नगर पालिका चाहे तो हाट मैदान में लाइनिंग कर सभी दुकानों को व्यवस्थित लगा सकती हैं। कॉलोनी की गलियों की दुकानें भी मैदान में लगवाए। रैदास मार्ग पर यातायात के मद्देनजर निर्धारित दूरी पर दुकानें लगवाए। बाइक पार्किंग के लिए व्यवस्था करें। हाट स्थल पर दो से तीन स्थानों पर पर्याप्त पेयजल व अस्थाई शौचालय की व्यवस्था करवाए।