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पूरी खबर पढि़एं… अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना

-अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, 169 अनाथ बच्चों को कई माह से नहीं मिली राशि, 439 अभी भी अधर में लटके

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 Chief Minister Child Blessing Scheme

Chief Minister Child Blessing Scheme

बड़वानी. माता-पिता को खो चुके बच्चों को लाभ पहुंचाने केंद्र व राज्य सरकार ने योजना तो शुरू की, लेकिन वह राशि के इंतजार में परेशान हैं। स्थिति ये है कि जिले के 169 बच्चों को मार्च माह से योजना की राशि नहीं आई, तो वहीं 439 बच्चे योजना में स्वीकृत तो हुए, लेकिन उन्हें अब तक राशि मिलने की शुरुआत तक नहीं हो चुकी।
मामला स्पॉन्सरशिप योजना व मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना का है। ऐसे बच्चे जिनके माता या पिता में से किसी एक की मौत हो चुकी है व बच्चे नाबालिग हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार स्पॉन्सरशिप योजना से दो-दो हजार रुपए महीने देता है। वहीं जिन बच्चों के माता-पिता दोनों की मौत हो चुकी है, उन्हें मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना से चार-चार हजार रुपए दिए जाते हैं। जिले में स्पॉन्सरशिप के 169 बच्चे है। जिन्हें मार्च तक ही राशि आई और इसके बाद से राशि मिलना बंद है। वहीं मिशन वात्सल्य में बाल आशीर्वाद, सीएम कोविड़ 19 बाल सेवा, पीएम केयर व अन्य ऐसे भी आएंगे। जिनके माता-पिता तो है, लेकिन वह पालन में सक्षम नहीं है। वहीं इस वर्ष ऐसे 439 अन्य बच्चों को चिन्हित कर योजना स्वीकृत की, जो महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा है। लेकिन उनके खातों में अब तक एक भी महीने की राशि नहीं आई है।
कारण: स्पॉन्सरशिप की बढ़ी राशि तो आशीर्वाद के भी उसी में शिफ्ट
स्पॉन्शरशिप योजना में दो-दो हजार रुपए महीने बच्चों को दिए जाते थे, जबकि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में चार-चार हजार रुपए दिए जाते थे। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने स्पॉन्सरशिप योजना की राशि बढ़ाकर चार-चार हजार रुपए कर दी है, इससे राज्य सरकार ने बाल आशीर्वाद योजना के बच्चों को भी स्पॉन्सरशिप योजना में शिफ्ट कर दिया। इससे अब दोनों योजनाओं के बच्चों को अब स्पॉन्सरशिप योजना से ही लाभ देने का प्लान है, इससे बच्चों को राशि मिलने की शुरुआत नहीं हो सकी।
राशि न मिलने से परेशान हो रहे हैं बच्चे
माता या पिता व माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चे अब अपने परिवार के अन्य लोगों के साथ रहने मजबूर थे। जिन्हें शासन की योजना का लाभ मिला तो पालन-पोषण की समस्या खत्म हो गई थी। लेकिन अब राशि न मिलने से इन बच्चों को अपनी जरूरतों के लिए राशि आने के इंतजार में परेशान होना पड़ रहा है। तो वहीं इस वर्ष जो 439 बच्चे चिह्नित किए गए।
अप्रेल तक के जल्द ही खाते में डालेंगे पैसे
अब तक 169 बच्चों को स्पॉन्सरशिप व बाल आशीर्वाद योजना का लाभ मिल रहा है और 439 नए बच्चे चिह्नित कर योजना में स्वीकृत के लिए भेजे है। देखभाल व संरक्षण वाले बच्चे भी शामिल है। जल्द ही अप्रेल तक के पैसे खाते में डाले जाएंगे। वहीं बाकी पैसे बजट आने पर जल्द ही सभी के खातों में राशि डाल दी जाएगी।
-रतनसिंह गुंडिया, अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग