बड़वानी. मुझे हक है कि मैं अपनी मां की जय बोलूं। मैंने मां को नहीं चुना। ऊपर वाले ने मेरे लिए मां चुनी है। मेरा जन्म दुनिया के किसी भी देश में हो सकता था, लेकिन मैं भारत में जन्मा।
ये जन्म भूमि मैंने अपने लिए नहीं चुनी, बल्कि अल्लाह ने मेरे लिए चुनी है। भारत दुनिया का एकमात्र देश है, जहां पर सभी धर्मों के फलने-फूलने का पूरा अवसर मिलता है। संविधान में लिखा है कि भारत माता की जय बोलें। अनुच्छेद 51-क देख लीजिए।
इसमें कहा गया है कि स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करें। भारत माता की जय के उद्घोष ने वंदे मातरम के उद्घोष ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को धार दी थी, इसे प्रेरित किया था, अत: भारत माता की जय बोलाना संविधान में लिखा है।
ये बातें रायपुर छत्तीसगढ़ से विशेष व्याख्यान देने के लिए आए मोहम्मद फैज खान ने एसबीएन कॉलेज में सुसज्जित सभागृह में प्रबुद्ध श्रोताओं को संबोधित करते हुए कही। खान ने सभी धर्मों के ग्रंथों से प्रामाणिक उदाहरण देते हुए मातृभूमि की वंदना का उचित ठहराया।
उनके तर्कों और आजपूर्ण वाणी से सभी श्रोता अभिभूत हुए। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. एनएल गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि देश सबसे ऊपर है। देश का जयगान करने का आशय है देश की उन्नति के लिए स्वयं को समर्पित करना। विशेष अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ओम खंडेलवाल और डॉ. अब्दुल रशीद पटेल उपस्थित थे।
खंडेलवाल ने कहा इस तरह के व्याख्यान निरंतर आयोजित किए जाने चााहिए। ये भ्रमों के निवारण और देश की एकता तथा अखंडता में वृद्धि के लिए आवश्यक है। अतिथियों का स्वागत ओम जैन, रामसागर मिश्रा, भगवान सेप्टा, विजय यादव, सृजन क्लब के सदस्य सुनील बामनिया, ग्यानारायण शर्मा, कैलाश वर्मा, गंगेश शर्मा, डॉ. राहुल यादव ने किया।
पुष्पहारों से किया गया। स्वागत भाषण डॉ. रामसहाय यादव ने दिया। अतिथि परिचय जुबेर शेख ने दिया। भूमिका बनाने के लिए काव्य पाठ आरिफ शेख ने किया।
स्मृति चिह्न भेंट किया
आयोजन राष्ट्रवादी मुस्लिम समिति, बड़वानी और सृजन, भाषा उन्नयन एवं अभिव्यक्ति क्लब, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी ने किया। मुख्य वक्ता को स्मृति चिह्न आयोजकों की ओर से प्रदान किया गया। संचालन शताब्दी अगल्चा और डॉ. मधुसूदन चौबे ने किया तथा आभार विजय यादव ने माना।
रिपोर्टिंग आशा सोलंकी एवं अंतिम मौर्य ने की। इस आयोजन में राजेश पंडित, मनीष पुरोहित, संतोष मुलेवा, डॉ. आजम शेख, कमलेश यादव, संजय यादव, भूपेंद्र जाट, बंटी चौहान सहित दो सौ से अधिक श्रोता उपस्थित हुए। सहयोग सुनील बामनिया, अंतिम मौर्य, आशा सोलंकी, गंगेश शर्मा, कैलाश वर्मा, दीपिका शर्मा, प्रीति गुलवानिया, डॉ. राहुल यादव, गोलू सिसौदिया, शाहरूक खान ने किया।