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मेधा पाटकर की  तबीयत बिगड़ी, उल्टे पैर डॉक्टरों की टीम को भगाया

मध्यप्रदेश के बड़वानी में 7 दिन से जारी अनसन पर बेठी मेधा पाटकर की  तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम चेकअप के लिए भेजी, जिसे पाटकर का गुस्सा देखकर उल्टे पैर भागना पड़ा।
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Editorial Khandwa

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Updated: 2 Aug 2017, 8:03 PM IST

Narmada bachao andolan, Medha Patkar's health wors

Narmada bachao andolan, Medha Patkar's health worsened


बड़वानी. सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने से प्रभावित हो रहे बड़वानी, खरगोन, अलिराजपुर और धार जिले के डूब प्रभावितों का विरोध जारी है। बुधवार को अनसन पर बैठी मेधा पाटकर की तबीयत अचानक खराब हो गई। जिला प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम जांच के लिए भेजी। मेधा के तेवर देखकर उन्हें वहां से भागना पड़ा। वहीं भड़के कार्यकर्ताओं ने टीम से कहा जब तक मांगे पूरी नहीं होगी हम यहां से नहीं हटेंगे।

Medha Patkar
इधर नर्मदा बचाओ आंदोलन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए आठ अगस्त तक का समय दिया है। नर्मदा बचाओ आंदोलन अभी फैसले का अध्ययन कर रहा है। इसके बाद ही नबआं नेत्री मेधा पाटकर अपना अधिकृत बयान देंगी। गौरतलब है कि 31 जुलाई तक प्रशासन को गांवों का पुनर्वास करना था। इसके बाद भी अब तक आधे से ज्यादा परिवार डूब गांवों में ही निवासरत हैं। संपूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर नबआं और डूब प्रभावित विभिन्न आंदोलन भी चला रहे हैं। 31 जुलाई बड़वानी, धार, खरगोन और आलीराजपुर के 178 गांवों को खाली कराने की आखिरी तारीख थी।

फैक्ट फाइल
178 कुल डूब गांव चार जिलों में
65 गांव बड़वानी के
77 गांव धार जिले के
26 गांव आलीराजपुर के
10 गांव खरगोन जिले में
एनवीडीए के अनुसार
23614 कुल प्रभावित चार जिलों में
9242 का हो चुका विस्थापन चारों जिले में
5551 परिवार गुजरात में बस गए
8821 का पुनर्वास बाकी