
गिरफ्त में आरोपी। फोटो- पत्रिका
जयपुर। उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को तीन प्रशिक्षु एसआई और एक डमी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इन प्रशिक्षु एसआई ने लिखित परीक्षा में स्वयं के स्थान पर डमी अभ्यर्थियों को बैठाकर अवैध रूप से चयन हासिल किया था। इस मामले में अब तक 63 एसआई, 6 चयनित एसआई सहित कुल 137 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि अग्रिम सत्यापन के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की सहायता ली गई। एफएसएल जांच में लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं पर किए गए हस्तलेख और हस्ताक्षर परीक्षण में गंभीर असमानताएं पाई गईं।
रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि तीनों प्रशिक्षु एसआई ने लिखित परीक्षा में स्वयं उपस्थित न होकर अन्य व्यक्तियों को डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा में बैठाया था। इस प्रकार अनुचित साधनों का उपयोग कर परीक्षा उत्तीर्ण की गई और उपनिरीक्षक पद पर चयन प्राप्त किया गया।
गिरफ्तार किए गए प्रशिक्षु एसआई में जोधपुर निवासी कुणाल चौधरी, जालोर निवासी चूनाराम जाट और अशोक कुमार बिश्नोई शामिल हैं। आरोपी कुणाल चौधरी की जगह डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने वाले वीडियो अशोक कुमार खींचड़ को भी गिरफ्तार किया गया है, जो वर्तमान में बीकानेर के बज्जू में पदस्थ है। वहीं आरोपी चूनाराम जाट और अशोक कुमार बिश्नोई की जगह परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थियों की तलाश जारी है।
एसआई भर्ती परीक्षा-2021 से संबंधित पुलिस थाना एसओजी में दर्ज प्रकरण संख्या 10/2024 में लगातार गहन अनुसंधान किया जा रहा है। इसी क्रम में डीआईजी एसओजी परिस देशमुख और अनुसंधान अधिकारी एएसपी चिरंजी लाल मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने आरपीएससी, अजमेर से प्राप्त 10 उपनिरीक्षकों के दस्तावेज रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया, जिसमें तीन अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
Updated on:
14 Dec 2025 09:28 pm
Published on:
14 Dec 2025 09:28 pm
