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बड़वा के हाथ लगाते ही दौड़ पड़ते गाड़े

होलिका दहन के दूसरे दिन गाड़े ङ्क्षखचाने की परंपरा, श्रद्धालुओं ने देखा चमत्कार, जयकारों के साथ शुरू हुआ आयोजन

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Editorial Khandwa

Mar 24, 2016

Prov and reverence buried Kinchaa

Barwani Nvlpura thick slammed the program seven years


बड़वानी.
शहर के नवलपुरा में होलिका दहन के दूसरे दिन बुधवार को धुलेंडी पर गाड़े ङ्क्षखचाने का आयोजन हुआ। बड़वानी के नवलपुरा क्षेत्र में गाड़ा खींचाई का कार्यक्रम पिछले सात वर्षों से चल रहा है। स्थानीय निवासी राकेश यादव बड़वा के शरीर में खांडेराव महाराज का वारा आने के बाद गाड़े खींचे जाते हैं।

गाड़ा खींचने के पूर्व बड़वा द्वारा पूजन कर गाड़ों की परिक्रमा लगाई जाती है। इसमें गाडिय़ों को जोड़कर बनाए रथ को बड़वा द्वारा करीब आधा किमी दूरी तक खींचकर ले जाया जाता है। गाड़ा खींचाई के दौरान युवा खांडेराव महाराज के जयकारे लगाते हुए गाड़ों पर सवार होते हैं।

इस अद्भूत व चमत्कारिक आयोजन में बड़वा द्वारा झुमते हुए गाड़े का एक चक्कर लगाया जाता है। शरीर पर हल्दी का लैप लगाए व जंजीर लिए बड़वा द्वारा गाडिय़ों के पीछे से दौड़ते हुआ आगे आकर गाड़े को धक्का दिया जाता है। धक्का देते ही गाड़े दौड़ पड़ते है।
ये नजारा देखने के लिए शहर से आसपास के लोग पहुंचते है। ऐसी मान्यता है कि खांडेराव बाबा बड़वा के शरीर में आते है और बड़वा के हाथ लगाते ही गाड़े दौड़ पड़ते हंै।
बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बड़वानी-कसरावद मार्ग के दोनों ओर लोगों की खासी भीड़ लग गई। नवलपुरा क्षेत्र में मार्ग के दोनों ओर बने मकानों की छतों पर सैकड़ों लोग इस रोमांचक घटना को देखने के लिए पहले से ही खड़े हो गए।