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जानिएं कब… बहनें अपने भाइयों की कलाई पर बांधेंगी रक्षासूत्र

-दशहरा मैदान पर सजा राखी बाजार-रक्षाबंधन से लेकर जन्माष्टमी तक चलेगा पर्व-बहनों में उत्साह, बाजारों में राखी, साडिय़ां, कपड़े, सराफा और मिठाइयों की दुकानों पर रौनक

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Raksha Bandhan Festival

Raksha Bandhan Festival

बड़वानी. रक्षा बंधन पर्व के बुधवार को मनाया जाएगा। इसको लेकर बाजार में रौनक बढ़ चुकी है। बाजार की हर सडक़ पर खासी भीड़ है और दुकानों पर जमकर खरीदी होने से दुकानदारों में भी उत्साह हुआ। व्यापारियों के मुताबिक इस त्योहार में मुख्यरूप से साडिय़ां, बच्चों के कपड़े, राखी, सराफा और मिठाई का मुख्य व्यवसाय रहता है। ग्राहकों की बाजार में बढ़ती चहल-पहल को देख त्योहार की। ये खरीदी करोड़ों तक पहुंचने की संभावना है।
कई चित्र-दृश्य व लेखनी से जुड़ी राखियां इस बार बाजार में आकर्षण का केंद्र हैं। अगले सप्ताह रक्षाबंधन मनाई जाएगी। क्षेत्र में जन्माष्टमी पर रक्षाबंधन की अधिक धूम रहती हैं। पर्व के मद्देनजर फुटकर व्यापारी संघ के तत्वावधान में दशहरा मैदान पर राखियों का बाजार शुरु हुआ। इस दौरान करीब कई दुकानें लगी हैं। बच्चों की पसंद के लिए नई किस्म की कई आकर्षक राखियां हैं, वहीं नग वाली और लुंबा राखी खूब पसंद की जा रही हैं। एमजी मार्ग से लेकर झंडा चौक, रणजीत चौक, जैन मंदिर रोड पर भी चहल-पहल बढ़ गई है।
जन्माष्टमी तक बांधेेंगे राखियां
बता दें कि क्षेत्र में रक्षाबंधन से जन्माष्टमी तक पर्व चलता है। निमाड़-अंचल में विशेष रुप से जन्माष्टमी पर बहनें भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधती है। राखियों की दुकानें जन्माष्टमी तक लगेंगी। दुकानदारों ने बताया कि इस बार विभिन्न प्रसंग से जुड़ी और वैरायटियों की राखियां आई हैं। इस बार राखियों के दामों में करीब दोगुना बढ़ोतरी हुई है। बीते वर्ष दो रुपए में बिकने वाली राखी का दाम इस बार सीधे पांच रुपए तक बढ़ गया हैं। दुकान पर पांच रुपए से लेकर 300 रुपए तक की राखी उपलब्ध है। विशेष तौर पर भैया-भाभी सहित त्रिशुल, डमरु, शिवलिंगी, महाकाल, सोमनाथ महादेव मॉडल की राखियां आई हैं। साथ ही महाकाल, भोलेनाथ के नामों के ब्रेस लेट भी आए हैं। पहली बार महिलाओं के लिए विशेष बेल्ट की तरह राखियां बिकने आई हैं।
दशहरा मैदान पर लगी अस्थाई दुकानें
राखी दुकानदारों के अनुसार दशहरा मैदान पर कई दुकानें अस्थाई रूप से शुरु हुई हैं। शहर के बीचोंबीच रणजीत चौक में वर्षांे से हम दुकानें लगाते थे, लेकिन यातायात की समस्या देखते हुए राखी दुकानदारों को दशहरा मैदान में शिफ्ट कर दिया हैं, जबकि अब भी रणजीत चौक में कई स्थाई दुकानदार भी ओटलों व उसके नीचे तक दुकान लगा रहे हैं। वहीं दशहरा मैदान में लगे राखी बाजार को लेकर अपने स्तर से प्रचार-प्रसार कर रहे है।