
बागपत। जिले के बागपत, बड़ौत व खेकड़ा तहसील समेत जनपद के 37 विभागों को डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इसकी वजह मुख्यमंत्री या फिर डीएम संदर्भ पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जाना है। इसके कारण फरियादियों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। बागपत व बड़ौत एसडीएम और बड़ौत व खेकड़ा तहसीलदार सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर डीएम ने जल्द ही शिकायतों का निस्तारण करने के आदेश दिये है। साथ ही निस्तारण नहीं होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का नहीं किया जा रहा निस्तारण
शासन ने जनपद स्तर पर आईजीआरएस पोर्टल बना रखा है। इनमें विभागों की शिकायत आती है। जिनको संबंधित अधिकारी को निस्तारण करना होता है, लेकिन यहां तो अधिकारी व कर्मचारी शिकायतों का निस्तारण करने में लगातार लापरवाही बरत रहे है, जिससे फरियादियों की शिकायत का समय से निस्तारण नहीं होने के कारण उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उसके बाद वह डीएम के दरबार मेें जाते है और मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजते हैं। जनपद में बागपत, बड़ौत तहसील के एसडीएम, खेकड़ा व बड़ौत के तहसीलदार सहित 37 विभागों को डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी विभागों को नोटिस जारी कर इनका निस्तारण करने के निर्देश दिए है। साथ ही निस्तारण नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डिफाल्टर की श्रेणी में आए यह विभाग
बागपत एसडीएम, बड़ौत एसडीएम , खेकड़ा एसडीएम , तहसीलदार बड़ौत 23, डीपीआरओ दस, सहायक विकास विभाग पिलाना आठ, सीडीओ बीस, डीडीओ आठ, सीएमओ एक, नगर पालिका व नगर पंचायत नौ, चकबंदी विभाग की 18 आदि विभाग शामिल है।
Published on:
22 Oct 2019 01:04 pm
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