
बागपत। लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर शासन भी पूरी तरह से सख्त हो गया है। वहीं ग्राम पंचायतों में जलने वाली पराली, कूड़ा व कृषि अपशिष्ट को रोकने के लिए प्रधान व पंचायत सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। यदि उक्त कोई भी वस्तु जलते मिलते है तो प्रधान व पंचायत सचिव की जिम्मेदारी होगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। इसके लिए डीपीआरओ ने सभी एडीओ, सचिव व प्रधानों को आदेश जारी किए हैं और कहा है कि उनके क्षेत्र में किसी भी तरह की सामाग्री नहीं जलनी चाहिए। इसके लिए वह ग्रामीणों व किसानों को जागरूक करें, ताकि बढ़ते वायू प्रदूूषण को रोका जा सके।
दरअसल, दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में लगातार वायू प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वायू प्रदूषण बढ़ने के कारण बीमारी भी बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए शासन भी सख्त हो गया है, क्योंकि वह वायू प्रदूषण पर हर हाल में काबू पाना चाहते है। यह वायू प्रदूषण पराली, कूडा व कृषि अपशिष्ट जलने के कारण अधिक हो रहा है, जिसका लोगों पर अधिक प्रभाव पड़ता जा रहा है।
इसको रोकने के लिए प्रधानों व सचिवों की जिम्मेदारी तय कर दी गयी है और यदि किसी भी ग्राम पंचायत में पराली, कूडा व कृषि अपशिष्ट जलता मिलता है तो इसके जिम्मेदार प्रधान व पंचायत सचिव होंगे। इसलिए उनको इन्हें जलने से रोकने के लिए ग्रामीणों व किसानों को जागरूक करना होगा और इसके लिए अधिक से प्रचार करना होगा, ताकि वायू प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
डीपीआरओ कुमार अमरेन्द्र ने इसके लिए सभी एडीओ, प्रधान व पंचायत सचिव को आदेश जारी कर दिए है और निर्देश दिए कि वह इनको जलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। यदि कोई व्यक्ति इसको जलाता मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। किसी को भी वायू प्रदूषण फैलाने नहीं दिया जाएगा। इसलिए वह अपनी जिम्मेदारी को मानते जागरूकता अभियान चलाए।
Updated on:
17 Nov 2019 03:03 pm
Published on:
17 Nov 2019 03:02 pm
बड़ी खबरें
View Allबागपत
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
