
बागपत। एक तरफ बागपत (Baghpat) में सांसद (MP) और डीएम (DM) बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा लगा रहे हैं और लड़कियों का लिंगानुपात बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, वहां दूसरी ओर बेटी पैदा होने पर एक मां को उसकी बच्ची के साथ घर से निकाल दिया गया। नवजात बच्ची के साथ उसकी मां ने मंगलवार को एसपी बागपत (Baghpat SP) से न्याय की गुहार लगाइ्र है। एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता का कहना है कि उसने एसपी बागपत को शिकायत तो दे दी है, लेकिन अभी तक कोई कारवाई नहीं की गई है।
2017 में हुई थी शादी
दरअसल, मामला बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के बिलोचपुरा गांव का है। वहां की रहने वाली महक की शादी 2017 में इसी गांव के रहने वाले शाहरुख के साथ हुई थी। महक का आरोप है कि 20 जनवरी (January) 2020 को जिला अस्पताल बागपत में उसके एक बेटी हुई थी। बेटी पैदा होते ही उसके ससुराल वाले उसको अस्पताल में छोड़कर भाग गए। 25 जनवरी को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जब उसके परिजनों ने उसको ससुरालियों के पास छोड़ा तो उन्होंने उसको ताने देने शुरू कर दिए। आरोप है कि उसके पेट में लात मारकर उसको घर से निकाल दिया गया।
महिला ने की एसपी से मुलाकात
महक ने बताया कि 26 जनवरी को जब सारा देश गणतंत्र दिवस (Republic Day) मना रहा था, तब उसके पति शाहरुख, जेठ, जेठानी व अन्य ससुराल पक्ष के लोगों ने लड़की को जन्म देने को लेकर उसके साथ मारपीट की। साथ ही उसकी दुधमुंही बच्ची को भी जान से मारने का प्रयास किया। शोर मचाने पर उन्होंने बच्ची को उसे थमा मारपीट करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। महिला व उसके परिजन मंगलवार को एसपी बागपत कार्यालय पहुंचे। वहां पर उन्होंने इस संबंध में न्याय की गुहार लगाई।
सुरक्षा की गुहार लगाई
महिला एसपी कार्यालय पर जब अपनी व नवजात बच्ची की सुरक्षा की गुहार लगा रही थी, उस समय बागपत के बसंत गार्डन में आजीविका मिशन के तहत कार्यक्रम चल रहा था। इसमें सांसद सत्यपाल सिंह व डीएम शकुंतला गौतम महिलाओं को लिंगानुपात बढ़ाने और महिला सुरक्षा को लेकर बात कर रहे थे। वहीं, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव का कहना है कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
Updated on:
29 Jan 2020 12:48 pm
Published on:
29 Jan 2020 12:47 pm

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