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Baghpat News: एसपी के आदेश पर हुई परीक्षा, नकल करते पकड़े गए कोतवाल, पुलिस की साख पर उठे सवाल

Baghpat Police Exam: बागपत पुलिस विभाग में थाना और चौकी प्रभारी पदों के लिए आयोजित परीक्षा में कोतवाल नकल करते पकड़े गए। वायरल वीडियो ने विभाग की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे जनता के भरोसे और पोस्टिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चर्चा तेज हो गई है।
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बागपत

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Mohd Danish

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Updated: 9 Sep 2025, 2:30 PM IST

baghpat police exam cheating viral video

Baghpat News: एसपी के आदेश पर हुई परीक्षा | Image Source - Social Media 'X'

Baghpat police exam cheating viral video: बागपत जिले में पुलिस विभाग ने अपने अधिकारियों की पोस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई पहल की। थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी के पदों के लिए पुलिसकर्मियों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें दारोगा और इंस्पेक्टर दोनों के आईक्यू और बौद्धिक स्तर को परखा गया। यह पहल सीधे तौर पर एसपी बागपत की सोच का परिणाम थी, जो यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि केवल योग्य अधिकारी ही महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हों।

परीक्षा में नकल का वीडियो वायरल

हालांकि यह पहल सराहनीय थी, लेकिन परीक्षा के दौरान एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया। जहां, एक कोतवाल को नकल करते हुए वीडियो में कैद किया गया, जिसमें वह पर्ची पर लिखे उत्तर देखकर अपनी उत्तर पुस्तिका भर रहा था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चर्चा का विषय बन गया। इस घटना ने न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए बल्कि पुलिस विभाग की छवि को भी धूमिल किया।

अनुशासनहीनता ने जनता के विश्वास को झकझोर दिया

लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि यदि कानून के रखवाले ही अनुशासन और ईमानदारी की मिसाल पेश नहीं करेंगे, तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस चर्चा को और तेज कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग को ऐसी घटनाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थिति दोबारा न बने।

पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देने का प्रयास

पुलिस प्रमुख की यह पहल स्पष्ट रूप से यह संदेश देती है कि पोस्टिंग में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मगर इस घटना ने साबित कर दिया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है। विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि भविष्य में ऐसी परीक्षाओं में कड़ी निगरानी और सख्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा और जनता का विश्वास दोनों सुरक्षित रहें।