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नौकरी के लिए मन्नत मांगने जा रहे दो दोस्तों की कार एक्सप्रेस-वे पर टकराई, एक ही दिन पहले मिली थी डिग्री

Baghpat Road Accident : नौकरी की मन्नत मांगने ऋषिकेश जा रहे दो बीटेक इंजीनियर दोस्तों की मौत। डिग्री मिलने के अगले ही दिन बुझ गए दो घरों के इकलौते चिराग। गूगल मैप के कारण बंद रास्ते पर हुई दुर्घटना।

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बागपत : यूपी के बागपत जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। नौकरी की मनोकामना पूरी करने के लिए ऋषिकेश के प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर जा रहे दो युवा इंजीनियर दोस्तों की दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर कार अनियंत्रित होकर बैरियर से टकरा गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक युवक कपिल (24) और प्रयाग कौशिक (25) दिल्ली के नांगलोई इलाके के रहने वाले थे। दोनों एक-दूसरे के करीबी दोस्त थे और हाल ही में बीटेक की डिग्री पूरी की थी। सोमवार को ही यूनिवर्सिटी से उनकी डिग्री आई थी। नौकरी लगने की कामना लेकर वे मंगलवार रात दिल्ली से ऋषिकेश रवाना हुए थे।

हादसा कैसे हुआ?

इंस्पेक्टर बृजेश कुमार (कोतवाली प्रभारी) के अनुसार, दोनों रास्ता भटक गए थे। गूगल मैप के सहारे वे दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए, जो अभी निर्माणाधीन है और आम वाहनों के लिए बंद है। एंट्री पॉइंट से कार चढ़ाई के महज 200 मीटर आगे बढ़ते ही टाटा पंच कार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अनियंत्रित हो गई और अस्थायी बैरिकेडिंग से जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों ने सूचना दी, लेकिन पुलिस पहुंचने तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसा बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के मविकला गांव के पास हुआ।

एक्सप्रेस-वे पर सही से नहीं लगे थे बैरिकेड

दोनों युवक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। प्रयाग कौशिक के पिता राजेंद्र कौशिक नीति आयोग (NITI Aayog) में अंडर सेक्रेटरी हैं। घर में मां और दो बहनें हैं। कपिल के पिता राजेश प्राइवेट नौकरी करते हैं।

प्रयाग के ताऊ देवीलाल ने कहा, दोनों बच्चों ने एक साल पहले बीटेक पास किया था। सोमवार को डिग्री मिलते ही वे नौकरी की मनोकामना लेकर नीलकंठ मंदिर प्रसाद चढ़ाने जा रहे थे। हाईवे पर निर्माण चल रहा था, तो सही बैरिकेडिंग और साइन बोर्ड लगाए जाने चाहिए थे। अधिकारियों की लापरवाही से बच्चों की जान चली गई। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एक्सप्रेसवे का बकाया काम

यह हादसा उस समय हुआ है जब दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (लगभग 210 किमी लंबा) का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। उद्घाटन के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई घंटे में तय हो सकेगी। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर एंट्री-एग्जिट पॉइंट बने हैं, लेकिन पूरा रूट अभी जनता के लिए खुला नहीं है।

पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ओवरस्पीडिंग और गूगल मैप की गलती को हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है।