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Gurmeet Ram Rahim : दीवाली पर गुरमीत राम रहीम ने डेरा की गददी को लेकर किया बड़ा ऐलान,जारी किया वीडियो

Gurmeet Ram Rahim डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने बरनावा के डेरा सच्चा सौंदा में दीवाली की रात को अपने अनुयायियों के सामने बड़ा ऐलान किया है। 40 दिन की पैरोल पर बरनावा डेरा में आए गुरमीत ने कहा कि डेरा की गददी वो किसी को सौंपने नहीं जा रहे हैं। वो ही डेरा की गददी के प्रमुख गुरु हैं और बने रहेंगे। उन्होंने हनीप्रीत को डेरा प्रमुख की गददी सौंपे जाने को सिरे से इंकार कर दिया। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने इसका वीडियो भी जारी किया और उसको सोशल मीडिया पर डाला है।

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Gurmeet Ram Rahim : दीवाली पर गुरमीत राम रहीम ने डेरा की गददी को लेकर किया बड़ा ऐलान,जारी किया वीडियो

Gurmeet Ram Rahim : दीवाली पर गुरमीत राम रहीम ने डेरा की गददी को लेकर किया बड़ा ऐलान,जारी किया वीडियो

Gurmeet Ram Rahim हनीप्रीत को डेरा गद्दी सौपने को लेकर चल रही अटकलों को लेकर डेरा प्रमुख दीवाली की रात सामने आया और स्पष्ट किया है कि हमने 100 प्रतिशत, एक हजार प्रतिशत, लाख प्रतिशत और लाखों बार कहा है कि गुरू हम थे, हम है और हम ही रहेंगे। दीवाली पर गुरमीत सिंह ने कहा कि हनीप्रीत हमारी धर्म की बेटी है और मुख्य शिष्या है। उसे अपने रुह दी यानी रुहानी दीदी नाम दिया। इस सब बातों को स्पष्ट और बताने के लिए डेरा सच्चा सौदा आश्रम बरनावा से गुरमीत सिंह ने यूट्यूब् चैनल पर वीडियो जारी किया है। जिसमें उसने कहा कि कितनी चिट्ठियों में लिख दी एक बात, आपने सुनी है और पढ़ी है गुरु हम थे हम हैं और हम ही रहेंगे। सौ परसेंट, एक हजार परसेंट, लाख परसेंट लाखों बार करलवालो हम थे, हम है और हमें रहेंगे, पता नहीं क्या खाज उठती है और कुछ दिन बाद फिर शुरू हो जाते हैं फिर खाज उठती है और फिर शुरू हो जाते हैं कि सूत्रों से पता चला है, ये सूत्र नहीं मिले आज तक, कहां रहते है ये सूत्र नाम का प्राणी। हम काफी ढूंढा यह अज्ञात सूत्र होता किधर है कितना कमाल है कि लिखना ही आ गया कि सूत्रों से।


गुरमीत ने चौथे स्तंभ यानी मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि बुरा ना मानना क्योंकि मुंह से बात निकल जाती है रहती नहीं है हमसे। हम आपको बुरा नहीं कहना चाहते पर यह क्या है हमने आपको कितनी चिट्ठियों चिट्ठी में लिख दिया और आज बोल दिया कि लाखों बार कहलवालो है कि गुरू हमें थे हम हैं और हम ही रहेंगे। हमने अपनी साध संगत को पछली बार यह कसम दिलाई थी कि गुरु के समतुल्य समझना अपनी आशिकी को बेइंतहा दाग लगवाना है इन बच्चों ने हमें तोहफा दिया था कि अपने गुरु पर सौ परसेंट यकीन करेंगे और उसके बराबर किसी को नहीं मानेंगे।

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अपनी बिटिया को हमने एक नाम दे दिया है, नाम तो वो ही है वैसे, बिटिया का नाम बताने की जरूरत नहीं है सबको पता है और साथ संगत जानती है हमारी बिटिया का नाम हनी प्रीत है धर्म की बेटी है और हमारी मुख्य शिष्या है और उनका हमने एक छोटा सा नाम दे दिया है सारे कहते हैं गुरुजी, सारे दीदी दीदी कहते है इसलिए पता नहीं चलता तब हमने हनी प्रीत का नाम दे दिया है रुह दी यानी रुहानी दीदी। ताकि आप आसानी से समझ सके थी और थोड़ा सा मॉर्डनाइज करके भी नाम दिया है।