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दिनदहाड़े बैंक लूट के बाद अस्पताल में उपचार कराने पहुंचा बदमाश, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे और फिर…- देखें वीडियाे

Highlights दिनदहाड़े बदमाशों ने सिंडिकेट बैंक में लूट की वारदात को दिया था अंजाम अस्पताल में पैर का उपचार कराने पहुंचा था बदमाश पुलिस ने आरोपी बदमाश से बरामद किये लूट के चार लाख रुपये

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बागपत

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Nitin Sharma

Oct 10, 2019

बागपत। छपरौली थाना क्षेत्र में एक महीने पूर्व हुई दिनदहाड़े (syndicate bank) सिंडिकेट बैंक में 15 लाख की लूट करने वाले शातिर बदमाश को पुलिस ने (Hospital) अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिक ने उसके पास से 4 लाख रुपये भी बरामद किए है। पकड़े गए बदमाश को पुलिस ने उस वक्त मेरठ के (Medical Collage) मेडिकल कॉलेज से दबोच लिया। जब वह अस्पताल में अपने पैर का उपचार करा रहा था। फि़लहाल पुलिस पकड़े गए बदमाश के फरार साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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बदमाशों ने ऐसे दी थी बैंक में लूट की वारदात को अंजाम

दरअसल मामला छपरौली थाना क्षेत्र का है। जहां तुगाना गांव के बाहर स्तिथ सिंडिकेट बैंक में 9 सितंबर को दिनदहाड़े 4 नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के बल पर कर्मचारियों को बंधक बनाकर 15 लाख रुपयों की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश वहां लगे (CCTV) सीसीटीवी की डीवीआर (DVR) को भी अपने साथ लेकर फरार हो गये थे। जिसके बाद से ही मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने बैंक लूट में रेकी करने वाले गांव तुगाना निवासी अरविंद उर्फ डाबर की तलाश में जुट गई थी। अब पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी जितेंद्र को को मेरठ मेडिकल कॉलिज से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से पुलिस ने लूट के 4 लाख रुपये बरामद किए है। फिलहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुटी है। पकड़े गए बदमाश ने पुलिस को बताया कि उसने अपने तीन साथियों अरविंद , संजीव ओर नितिन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था और लूट की घटना को अंजाम देने के लिए अरविंद ने रेकी की थी। क्योंकि उसका बैंक के पास ही घर है।फि़लहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुटी है।

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12 साल पहले की तिहरे हत्याकांड को दिया था अंजाम

आपको बता दे कि पकड़ा गया शातिर बदमाश इससे पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। आरोपी जितेंद्र ने 2007 में अपने 5 साथियों के साथ मिलकर तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था जिसमे वह जेल भी गया था। वही उसका साथी अरविंद उर्फ डाबर भी वर्ष 2010 में सूप गांव के ग्राम प्रधान रणवीर सिंह की हत्या के मामले में अपने साथियों के साथ जेल गया था। इनके अलावा भी चारों बदमाश कई वारदातों को अंजाम दे चुके है।