
कोरोना वायरस का असर अब सार्वजनिक परिवहन के साधनों पर भी दिखने लगा है। केंद्र व विभिन्न सरकारें इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी कर रही है तो देश के सबसे बड़े सार्वजकिन परिवजन विभाग (रेलवे) ने भी इससे बचने के कई जतन शुरू कर दिए हैं। इनमें सबसे अहम है प्लेटफॉर्म टिकट।
चित्तौडग़ढ़. कोरोना वायरस का असर अब सार्वजनिक परिवहन के साधनों पर भी दिखने लगा है। केंद्र व विभिन्न सरकारें इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी कर रही है तो देश के सबसे बड़े सार्वजकिन परिवजन विभाग (रेलवे) ने भी इससे बचने के कई जतन शुरू कर दिए हैं। इनमें सबसे अहम है प्लेटफॉर्म टिकट। जी हां रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट के दाम सीधे 10 से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिए हैं। यह व्यवस्था रतलाम रेले मंडल के रतलाम सहित इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, चित्तौडग़ढ़, दाहोद, देवास सहित लगभग 100 स्टेशनों पर लागू कर दी गई है। ऐसे में अब यदि आप किसी स्टेशन छोडऩे या लेने जा रहे रहे हैं तो प्लेटफॉर्म टिकट के 50 रुपए चुकाने होंगे। फिलहाल यह निर्णय 31 मार्च तक लागू रहेगा। मंडल रेल प्रबंधक विनित गुप्ता के अनुसार प्लेटफॉर्म टिकट के अब यात्री को 50 रुपए देने होंगे। यह मंगलवार से लागू कर दिया गया है।
अब कोच का तापमान भी 25 डिग्री
वायरस से बचने के लिए मंडल की सभी गाडिय़ों के एसी कोच का तापमान 25 डिग्री तक रखा जाएगा। कारण ठंड के प्रभाव में यह वायरस ज्यादा फैलता है, लेकिन गर्मी में इसका प्रकोप कम रहता है।
इधर दूसरे परिवहन के साधनों पर भी पड़ी मार
कोरोना की चपेट में निजी बसों के अलावा राजस्थान रोडवेज की बसें भी आ रही हैं। रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घटने से यात्री भर कम हुआ। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लोगों ने यात्रा प्लान को स्थगित कर दिया है। भीड़ भाड़ वाले शहरों में लोग जाने से बच रहे हैं। होली के बाद आवागमन अधिक रहने से रोडवेज के लिए पीक सीजन रहता है, लेकिन इस बार होली के बाद यात्री भार कम हुआ है। जयपुर-दिल्ली राजमार्ग के अलावा दूसरे मार्गों पर भी यात्री भार में कमी दर्ज हुई है। आगार के मुख्य प्रबंधक पवन सैनी ने बताया कि होली के समय यहां रोडवेज का यात्री भार 90 प्रतिशत था, जो अब घटकर 75 प्रतिशत रह गया है।
Published on:
17 Mar 2020 05:39 pm
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