
Reorganization: पुनर्गठन के साथ बिछने लगी चुनावी चौसर
कोटपूतली (Reorganization). पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन (Reorganization) होने के बाद गांव की चौपालों का चुनाव की चौसरी बिछना शुरू हो गया है। इस क्षेत्र के चार पंचायत समितियों में 139 ग्राम पंचायतों में चुनाव (Panchayat Election) होंगे। इन चार पंस में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन (Reorganization) के बाद 17 ग्राम पंचायत नई बनी है। इनमें सबसे अधिक कोटपूतली में 07 ग्राम पंचायतों का नवसृजन हुआ है। ग्राम पंचायत चुनावों की घोषणा में अब कुछ ही दिन बचे है। इसके चलते दोनों प्रमुख दलों की ओर से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गई है। ग्राम पंचायत व पंचायत समितियों के परिसीमन पुनर्गठन (Reorganization) का कार्य पूरा हो गया। पंचायत के चुनावी (Panchayat Election) आगामी जनवरी व फरवरी में प्रस्तावित हैं। चुनाव की घोषणा 15 से 20 दिन में होने की संभावना है।
कई दावेदारों के बिगड़े समीकरण
ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन (Reorganization) के चलते ग्राम पंचायत चुनाव लडऩे की तैयारी में जुटे कई दावेदारों का गणित गड़बडऩा तय है। पंचायतों के परिसीमन (Reorganization) को लेकर कई पंचायतों में विरोध के स्वर मुखर है। कई दावेदारों के जातिगत समीकरण गड़बड़ा गए है, तो कई सालों से जीत का परचम लहराने वाले प्रतिनिधियों को हार का खतरा दिखाई दे रहा है। राजनीति में सबसे निचली सीढ़ी होने के कारण पंचायत चुनाव (Panchayat Election) कांग्रेस व भाजपा के लिए अहम है। क्षेत्र में कोटपूतली, शाहपुरा, विराटनगर व पावटा ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन (Reorganization) किया गया है। पंचायत चुनाव के तहत सरपंच, उप सरपंच, पंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान, उप प्रधान, जिला परिषद सदस्य, जिला प्रमुख व उप जिला प्रमुख के पदों पर चुनाव कराए जाने है। प्रधान के लिए पंस सदस्य व जिला प्रमुख के लिए जिला परिषद के सदस्य मतदान करते है। पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूूचियों के प्रारूप का प्रकाशन हो गया है। इस अभियान में मतदाताओं के नाम जोडऩे के अलावा जरूरी संशोधन किए गए है।
गाइडलाइन जारी, आचार संहिता नहीं हुई लागू
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेश से गफलत की स्थिति बन गई है। कई लोग इस आदेश को चुनाव अधिसूचना बता रहे है। वहीं कुछ लोग चुनाव की गाइडलाइन संबंधित आदेश बता रहे है। एसडीएम नानूराम सैनी ने बताया कि आचार संहिता जैसा कोई आदेश आयोग से नहीं आया है। चुनाव के संबंध में कई तरह के आदेश निकलते है। यह आदेश भी उन्हीं में से कोई एक है। इसमें गाइडलाइन दी गई है।
उम्मीदवारों के खर्च की सीमा
जिला परिषद के सदस्य अधिकतम 1.5 लाख, पंस सदस्य 75 हजार व सरपंच पद के अभ्यर्थी 50 हजार रुपए तक चुनाव (Panchayat Election) में खर्च कर सकते है। इसके अनुसार जिला परिषद सदस्य के अभ्यर्थी चुनाव में अधिकतम तीन वाहन, पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में 02 व सरपंच पद के प्रत्याशी एक वाहन का उपयोग कर सकते है। 2014 में ग्राम पंचायत चुनाव की घोषणा 24 दिसम्बर को हुई थी। इस बार पुनर्गठन व परिसीमन (Reorganization) में देरी के कारण चुनाव घोषणा में विलम्ब हो सकता है।
ग्राम पंचायतों पर एक नजर...
पं. समिति...वर्तमान में ...पुनर्गठन
कोटपूतली .... 31........38
शाहपुरा ...... 33........39
पावटा ....... 29........32
विराटनगर .... 29........32
Published on:
04 Dec 2019 11:44 pm

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