9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Agriculture: प्याज ने टमाटर को रुलाया, अब पाले की चिन्ता

बम्पर पैदावार के बावजूद नहीं मिल रहे अच्छे भाव

2 min read
Google source verification

बगरू

image

Teekam Saini

Dec 19, 2019

Agriculture: प्याज ने टमाटर को रुलाया, अब पाले की चिन्ता

ATMs of rural areas along with the city god trust, security guards' C,Agriculture: प्याज ने टमाटर को रुलाया, अब पाले की चिन्ता,ATMs of rural areas along with the city god trust, security guards' C

कालवाड़ (Agriculture). इस बार जहां प्याज के आसमान छूते भावों ने स्टाक रखने वालों के व्यारे न्यारे कर दिए, वहीं इसके उलट टमाटर की बम्पर पैदावार के बावजूद गत वर्ष की तुलना में कम मिल रहे भावों से किसान निराश व चिन्ता में है। गौरतलब है कि कालवाड़ कस्बे से सटे झोटवाड़ा, जालसू व सांभरलेक क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव टमाटरों की फसल के पूरे राज्य में विख्यात है और खासकर सर्दियों के मौसम में हाईब्रिड टमाटरों का उत्पादन होने लगा है। ऐसे में किसान कालवाड़ क्षेत्र में उत्पादित टमाटरों को बेचने के लिए जयपुर हीं नहीं देशभर में बेचने जाते है। इस बार गत वर्ष की तुलना में टमाटर फसल का रकबा डेढ़ गुना बढ़ा है। टमाटरों की बम्पर पैदावार से किसानों की बांछे खिली हुई थी, लेकिन गत वर्ष जैसे भाव नहीं मिलने से किसान मायूस नजर आ रहे है। किसान राजेश नटवाडिय़ा व मानाराम नटवाडिय़ा आदि ने बताया कि गत वर्ष इस मौसम में टमाटरों के भाव 15 से 20 रुपए किलो थोक के भाव से मिल रहे थे, लेकिन वर्तमान में टमाटरों के भाव काश्तकारों ने 10 से 12 रुपए किलो ही मिल रहे है। जबकि किसानों को बम्पर आवक के कारण इसे भाव 20 रुपए के पार जाने की संभावना थी। किसान टमाटरों के कम भाव का कारण प्याज को मान रहे है क्योंकि प्याज के भाव आसमान छू रहे है, सही मायने में प्याज के भावों ने टमाटरों को रुला दिया।
यहां होती बम्पर पैदावार
कालवाड़, भम्भौरी, श्योसिंहपुरा, धानक्या, बेगस, फतेहपुरा, ढाकावाला, रामपुरा, बसेड़ी, गुढाकुमावतान, बस्सी झाझड़ा, गोकुलपुरा, आईदानकाबास, बोबास, पचार, लालपुरा, महरियों का बास, खेजड़ावास, जोरपुरा-सुन्दरियावास, भैंसावा, हिंगोनियां, भीकावास, गुढामान, तन की ढाणी, काबरी डूंगरी, शेरावतपुरा, पूनाना, राधाकिशनपुरा, महेशवास, रोजदा, सरदारपुरा, जयरामपुरा, चतरपुरा, दलपुरा, दादर, महेशपुरा, कान्यास, गोविन्दपुरा, आछोजाई, दतावता, खोराबीसल, सरनाडूंगर, मंशारामपुरा, लालचन्दपुरा, दुर्जनियावास, सारंकाबास, सुन्दरियावास, कापडिय़ावास, कंवरकाबास, रामकुई, बेगस रोड, महरियों का बास, मंडाभोपावास, बोहरा वाली, जलोई, सरनाचौड़, चम्पापुरा, गजाधरपुरा, खन्नीपुरा, सिंडोलाई, चकरोजदा, हरचंदपुरा, हरदत्तपुरा, शुभरामपुरा, बावड़ी आदि गांवों में टमाटरों की बम्पर पैदावार होती है और यहां के टमाटरों का स्वाद व गुणवत्ता मंडियों में खरीददारों की पंसद है।
यहां पॉली हाऊस में
गुढाकुमावतान, बसेड़ी, महरियों का बास, बोबास, पचार आदि गांव ढाणियों में अब किसान इजरायली पद्धति से पॉली हाऊस में टमाटरों की पैदावार कर रहे है। पॉली हाऊस के टमाटरों का उत्पादन व फसल को देखने दूर दराज से बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान व कृषि वैज्ञानिक आते रहते हैं।
अब सता रहा पाले का डर
अब किसान सर्दी बढने के साथ किसानों को पाले की चिन्ता सता रही है किसान टमाटरों को की सुरक्षा के लिए खेतों में पौधों के उपर पॉलीथीन लगाकर सुरक्षा कर रहे हैं।