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Organic farming – राजस्थान के 10 जिलों में जैविक खेती परियोजना संचालित

- जैविक खेती पर आयोजित कार्यशाला में बताए फायदे- किसानों को विशेषज्ञों ने जैविक खेती अपनाने की दी सलाह

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Organic Farming

Organic Farming

डयोढी। जैविक खेती अपनाने पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खेती के फायदे बताते हुए अपनाने की सलाह दी।
आत्मा संस्था जगमालपुरा एवं कटस संस्था के तत्वाधान में जैविक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में कटस जयपुर से राजदीप पारीक व आत्मा संस्था के विनोदकुमार शर्मां ने बताया कि कट्स द्वारा जैविक खेती परियोजना राजस्थान के 10 जिलों में संचालित की जा रही है।

अपनाए वर्मी कम्पोस्ट जीवामृत
उन्होंने किसानों को जैविक खेती से होने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी। किसानों को वर्मी कंपोस्ट जीवामृत के तरीकों के बारे में जानकारी दी। पूर्व सहायक कृषि अधिकारी विजय नारायण ने ग्राम पंचायत में संचालित परंपरागत कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी दी। कृषि कार्यशाला में कल्याणमल कुमावत, हीरालाल, नारायण, छीतरमल, कुमावत आदि किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जैविक खेती को अपनाने व उन्नत फसल के लिए लोगों को प्रेरित किया।

किसान हो रहे परेशान
किसान कंपकंपाती ठंड में रात को अलाव जलाकर फसलों की रखवाली करने पर विवश है। कई किसानों ने तो खेत के चारों ओर तारबंदी वह कटीले तारों की बाड़ लगाकर भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कर रहे हैं। फिर भी कई गोवंश इन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके भी चारा एकत्रित करें, गोवंश के लिए व्यवस्था कर रहे हैं, ताकि फसलों को नुकसान होने से बचाया जा सके।