
Sambhar Lake - सांभर झील विश्व की अनमोल धरोहर
सांभरलेक। सांभर झील विश्व की अनमोल धरोवर है। इसको बचाने व संरक्षित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। गत वर्ष जो पक्षी त्रासदी हुई है वह काफी गंभीर घाव छोड़ कर गई है, भविष्य में इस प्रकार की कोई त्रासदी ना हो इसके लिए सरकार व लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। यह बात कलमप्रिया साहित्य संस्थान जयपुर की अध्यक्ष शशि सक्सेना ने अपने विचार प्रकट करते हुए कही। सांभर कस्बे में मंगलवार को विश्व नमभूमि दिवस का आयोजन हर्षोउल्लास के साथ किया गया।
सांभर झील के प्रति जागरूक करते हुए सांभर झील बचाओ संस्था द्वारा एक विचार गोष्ठी व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को सम्मानित किया गया। संस्था के महासचिव रूपचंद गुर्जर ने बताया कि इस अवसर पर सांभर झील का बचाने के लिए लोगों के द्वारा किए जाने वाले प्रयासों को लेकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
झील की महत्ता लोगों तक पहुंचाने का आव्हान
इस अवसर पर सांभर झील की महत्ता को साहित्य के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कलमप्रिया साहित्य संस्थान की १५ साहित्यकारों स्नेहलता परनामी, शशि सक्सेना, शशि पाठक, प्रेमसखी गोस्वामी, शशि सिंधल, सुषमा, शिवानी, अंजना चढ्ढा, दुर्गा छाबड़ा, विनोद बत्रा, हिमांशी, श्वेता शर्मा, पवित्रा शर्मा, शशि तनेजा को संस्था के संरक्षक अशोक पारीक, विनोद नारायण जोशी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष शोभा श्रीवास्तव, संस्था सचिव आशीष गर्ग, रामनारायण चौधरी, आनन्द प्रकाश वर्मा, सुनील कुमावत, विनय शर्मा आदि ने प्रमाण पत्र देकर कर सम्मानित किया।
लोगों को किया जागरूक
इसी प्रकार से वन्य जीव संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करने वाली संस्था वाइल्डलाइफ क्रीचर्स ऑर्गनाइजेशंस और वन विभाग ने वल्र्ड वेटलैंड डे विश्व नमभूति दिवस पर रामसर कनवेन्शन से जुड़ी विश्व कि खारे पानी कि सबसे बड़ी सांभर झील के आसपास स्थानीय नागरिकों को झील कि उपयोगिता और उसके रख रखाव के बारे मे जागरूक किया।
प्रवासी पक्षियों कि संख्या में आई गिरावट
डब्ल्यूसीओ सदस्य मोहित शर्मा ने बताया कि जैसा कि झील में इस बार पानी कि कमी कि वजह से प्रवासी पक्षियों कि संख्या में भी भारी गिरावट आई है, वन विभाग के श्याम शर्मा ने बताया कि डब्ल्यूसीओ व वन विभाग के सदस्यों कि टीम झील क्षेत्र में निगरानी कर रही है और आसपास के लोगों को झील कि उपयोगिता और उसे कैसे बचाया जाए के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चला रही है। इस अभियान में डब्ल्यूसीओ टीम के जतिन सैन अखिल कुमावत, राज वर्मा, मनीष कुमावत, ने सहयोग किया।
Updated on:
03 Feb 2021 12:39 pm
Published on:
03 Feb 2021 12:29 pm
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