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Sanskrit education – ताकि यहां के विद्यार्थियों मिले संस्कृत शिक्षा

सांभर के राजकीय संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत किया जाए, वर्तंमान में कोई विद्यार्थी कक्षा 8वीं के बाद संस्कृत पढऩा चाहता है तो उसे लगभग ५० किलोमीटर जाना पड़ता

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Sanskrit education - ताकि यहां के विद्यार्थियों मिले संस्कृत शिक्षा

Sanskrit education - ताकि यहां के विद्यार्थियों मिले संस्कृत शिक्षा

सांभरलेक। राजकीय संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत किया जाए, ताकि यहां के विद्यार्थियों को भी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त हो सके। सांभर कस्बे में संचालित राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय 20 सालों से उच्च प्राथमिक स्तर पर ही संचालित है। अगर सांभर के राजकीय संस्कृत विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत कर दिया जाये तो अनेको विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सकता है।
वर्तंमान में कोई विद्यार्थी कक्षा 8वीं के बाद संस्कृत पढऩा चाहता है तो उसे लगभग ५० किलोमीटर दूर किशनगढ़ रेनवाल, बस्सी नागा या महेशपुरा गिदानी अध्ययन के लिए जाना पड़ता है जो कि आज के युग में कोई भी नहीं जाना चाहता और वह संस्कृत विद्यालय को छोड़कर हिन्दी माध्यम में पढऩे लगता है।

विद्यालय में लगभग 150 विद्यार्थी अध्ययनरत
सांभर पंचायत समिति क्षेत्र में एक मात्र यही संस्कृत विद्यालय है, इसके अलावा सांभर पंचायत समिति क्षेत्र में प्रवेशिका व वरिष्ठ उपाध्याय स्कूल नहीं है, जिससे जिनकों संस्कृत पढऩा उन्ही इसी स्कूल में आना पड़ता है। अभी इस विद्यालय में लगभग १५० विद्यार्थी अध्ययनरत है, अगर इस विद्यालय को क्रमोन्नत किया जाता है तो यह सांभर ब्लॉक का पहला प्रवेशिका विद्यालय होगा। नागरिक अधिकार मंच के प्रदेश सचिव श्यामलाल शर्मा मुंशी ने राज्य के मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर सांभर के राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय को प्रवेशिका में क्रमोन्नत करने की मांग की है।