
बहराइच. जिले के काजीपुरा इलाके के रहने वाले सपा सरकार के पूर्व कबीना मंत्री डॉ वकार अहमद शाह का नाम सपा के कद्दावर नेताओं में गिना जाता है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी नेताओं में डॉ. वकार अहमद शाह सपा के टिकट से बहराइच सदर विधानसभा सीट से लगतार 5 बार भारी बहुमत के साथ विधायक निर्वाचित हुए हैं। बहराइच जिले की राजनीति के क्षेत्र में डॉ वकार अहमद शाह का रसूख इस कदर आईने की तरह झलकता था कि इनकी गहरी पैठ न सिर्फ अल्पसंख्यक वर्ग में बल्कि हर वर्ग के लोगों से इनका गहरा लगाव था । जिले की अवाम को शाह परिवार के ऊपर इस कदर भरोसा था कि 1993 से लगातार MLA का ताज़ डॉ वकार के माथे ही सज रहा था।
आप को बता दें कि डॉ वकार अहमद शाह का आज बीती रात लंबी बीमारी के बाद अचानक निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के सिविल अस्पताल में अंतिम सांस ली। डॉ. वकार अहमद शाह पांच बार लगातार विधायक चुने गए। 2013 में आचानक तबियत बिगड़ने के बाद वह कोमा में चले गए थे। तब से उनका लगातार इलाज चल रहा था। डॉ. वकार के निधन की सूचना पाकर जिले के लोग शोकाकुल नजर आ रहे हैं। शहर के मोहल्ला काजीपुरा निवासी डॉ वकार अहमद शाह जिले के वरिष्ठ राजनीतिज्ञों में शुमार होते थे। वर्ष 1993 में उन्होंने समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा था। पहली बार भाजपा के विधायक बृजराज त्रिपाठी भारी मतों से पराजित कर वह सदन में पहुंचे थे। इसके बाद डॉ वकार अहमद शाह राजनीति के क्षेत्र में इस कदर सक्रिय हुए कि वह लगातार पांच बार जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। अपने पूरे कार्यकाल में डॉ वकार अहमद शाह 2 बार कैबिनेट मंत्री बनें । यही नहीं अपने प्रतिभाशाली राजनीतिक वजूद के बल पर डॉ वकार अहमद शाह ने अपनी पत्नी रुबाब सईदा को जिला पंचायत अध्यक्ष, व सांसद बनाने में भी कामयाब रहे। इसके बाद बहराइच की मटेरा सीट से अपने बेटे यासर शाह को 2012 के चुनाव में भारी मतों से जिताकर MLA बनाने में कामयाब हुए। वहीं डॉ वकार अहमद शाह के बीमार होने के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यासर शाह को अपनी कैबिनेट में स्थान देते हुए कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर बहराइच का मान बढ़ाया था। वहीं बीती रात सपा के कद्दावर नेता डॉ वकार अहमद शाह के मौत की सूचना मिलते ही शुभचिंतकों में शोकाकुल का माहौल छा गया। वहीं इस खबर की जानकारी मिलते ही यूपी के पूर्व CM अखिलेश यादव शोकाकुल शाह परिवार को ढांढस बांधने के साथ ही श्रधांजलि देने के लिये काजीपुरा हाउस पहुंचे, जहां उनके साथ सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री अहमद हसन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।