
Bahraich health
राजीव शर्मा!
बहराइच. केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे तमाम लोगों के लिए सरकार की तरफ से चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की फेहरिस्त में स्वास्थ सुविधाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने के लिये एक अनूठी पहल करने जा रहा है। इसके तहत अब सरकार जिले के तमाम ANM सेंटरों को नए तरीके से अपग्रेड कर उनका नया नाम करण वेलनेस सेंटर, आरोग्यम केंद्र के नाम पर रखने जा रहा है। इस कार्य को संपादित कराने के लिये केंद्र सरकार की तरफ से करोड़ो रूपये का सरकारी बजट खर्च कर स्वास्थ सुविधाओं के सिस्टम को और भी बेहतर बनाने की सार्थक दिशा में तगड़ा खाका खींचा जा रहा है।
कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर की होगी तैनाती-
बहराइच जिले के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ ओपी पांडेय ने पत्रिका उत्तर प्रदेश की यूनिट को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप पूरे भारत वर्ष में करीब 1 लाख 20 हजार ANM सेन्टरों का नए सिरे से उच्चीकरण करके वेलनेस सेंटर/आरोग्यम केंद्र खोले जाएंगे। हर सेंटर पर सरकार करीब 15 लाख रुपये का बजट खर्च कर विकास के क्षेत्र में एक नया सार्थक काम करने जा रही है। केंद्र सरकार की पहल के मुताबिक यूपी के 30 जिला अस्पतालों को चुना गया है, जिनमें उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला भी शामिल हैं। सरकार की तरफ से खोले जा रहे वेलनेस सेंटर पर एक (CHO) कम्युनिटी हेल्थ आफीसर की तैनाती (UPHSSP) उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेनथिंग प्रोजेक्ट की ओर से की जाएगी। जिनको ब्रिज कोर्स के तौर पर कुशल प्रशिक्षकों द्वारा 6 माह की ट्रेनिंग देकर सिस्टम को आपरेट करने के लिये ट्रेंड किया जाएगा।
बहराइच जिले में फर्स्ट फेज की ट्रेनिंग के लिये 30-30 कम्युनिटी हेल्थ अफसरों का बैच सिलेक्ट किया गया है। जिनको ट्रेनिंग के दौरान बिना किसी अवकाश के 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा और ट्रेनिंग के बाद वेतन+ अन्य इंसेंटिव मिलाकर करीब 40 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा। CHO के पद पर ज्वाइनिंग करने वाले सभी प्रशिक्षकों से CMO ऑफिस में एक बांड भरना होगा, जिसमें इस बात का तर्क प्रस्तुत किया जाएगा कि वो ट्रेनिंग के बाद 3 साल तक नौकरी से त्यागपत्र नहीं देंगे। अगर किन्हीं कारणों से कोई भी CHO बांड साईन करने के बाद नौकरी छोड़ता है तो बांड में उल्लेख की गयी शर्तों के मुताबिक विभाग को जुर्माना राशि अदा करना पड़ेगा।
बहराइच जिला अस्पताल के CMS डॉ ओपी पांडेय ने बताया कि वेलनेस सेंटर प्रधान मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसके तहत अब ANM की मॉनिटरिंग के लिये अलग से CHO की तैनाती की जाएगी।इसका मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ANM सेंटर पर आने वाले मरीजों की कुशल मॉनिटरिंग करके उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराना। इस प्रोग्राम के प्रोग्राम ऑफिसर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक CMS होंगे। जिनकी देखरेख में सभी CHO की ट्रेंनिग जिला अस्पताल के ट्रेनिंग हाल में होगी। बार्डर के जिले बहराइच में कुल 310 ANM सेंटर हैं जहां पर CHO की तैनाती होनी है। केंद्र सरकार की पहल पर फर्स्ट फेज में अभी 30-30 कुल 60 चयनित CHO को ट्रेंड करने के लिये UPHSSP द्वारा चुना गया है। साल में 2 बार ब्रिज कोर्स चलाया जाएगा जिसकी शुरुवात आगामी 2 जुलाई से प्रारंभ होगी।
Published on:
21 Jun 2018 10:00 pm
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