
सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। महज दो महीने पहले पति की आत्महत्या से टूटी एक 18 वर्षीय महिला ने भी उसी राह पर चलकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली। परिवार के लोग उसे संभालने की कोशिश करते रहे। लेकिन अंदर ही अंदर वह गहरे दुख में डूबती चली गई। आखिरकार जिंदगी से हार मान बैठी।
बहराइच के पातेपुर डिहवा गांव में शुक्रवार की सुबह उस वक्त सन्नाटा छा गया। जब लोगों ने घर के बाहर एक पेड़ से लटकता हुआ शव देखा। यह शव गांव की ही रहने वाली 18 वर्षीय सुशीला का था। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। ग्रामीणों ने तुरंत परिवार और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह आत्महत्या का मामला है। लेकिन इस घटना के पीछे छिपी कहानी और भी ज्यादा दर्द देने वाली है। बताया जा रहा है कि सुशीला के पति प्रकाश ने करीब दो महीने पहले ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी थी। पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद प्रकाश काफी तनाव में रहने लगा था। इसी तनाव में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पति की मौत के बाद सुशीला पूरी तरह टूट गई थी। परिवार के लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की, बार-बार समझाया कि वह बीती बातों को भूलकर आगे बढ़े। लेकिन वह अंदर ही अंदर गहरे सदमे में थी। अधिकतर समय गुमसुम रहने लगी। परिजनों का कहना है कि वह अक्सर खोई-खोई रहती थी और किसी से अपनी बात ठीक से साझा भी नहीं करती थी। आखिरकार इसी मानसिक पीड़ा ने उसे इतना कमजोर कर दिया कि उसने भी उसी तरह अपनी जिंदगी खत्म करने का फैसला कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक तनाव और अकेलेपन से जूझ रहे लोगों को समय रहते सहारा मिलना कितना जरूरी है।
Updated on:
03 Apr 2026 09:14 pm
Published on:
03 Apr 2026 09:13 pm
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