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बहराइच. इंडो नेपाल बॉर्डर के जिले बहराइच में नेपाली शराब की तस्करी का गोरखधंधा बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है। बहराइच के रुपईडीहा बार्डर का इलाका शराब की तस्करी करने वाले गिरोह का सबसे मुफीद अड्डा बना हुआ है। बीते कुछ महीने के आंकड़े की बात करें तो रुपईडीहा थाना क्षेत्र से कई करोड़ की अवैध शराब की खेप पकड़ी जा चुकी है। उसके बावजूद इस सीमा पर फैले अवैध शराब की तस्करी का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा।
इस मामले की जानकारी जब एसपी जुगुल किशोर के कानों तक पहुंची तो उन्होंने इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए चेकिंग अभियान चलाने का आदेश दिया। रुपईडीहा थाने के थानेदार अरुण दृवेदी ने बॉर्डर पर चलाये गए सघन चेकिंग अभियान की कार्यवाही के दौरान नेपाल के रास्ते भारतीय सीमा में लायी जा रही करीब एक हजार बोतल नेपाली शराब की खेप के साथ अशोक कुमार वर्मा नाम के एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया। बरामद नेपाली शराब की कीमत लाखों में आंकी जा रही है। वहीं पुलिस की गिरफ्त में आये तस्कर की पहचान रुपईडीहा थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव निवासी अशोक वर्मा के रूप में हुई है।
रुपइडिहा पुलिस के हत्थे चढ़े नेपाली शराब तस्कर के कब्जे से एक हजार की तादात में नेपाली शराब की खेप को बरामद कर सीज किया गया है। बार्डर पर पकड़ी गई भारी मात्रा में नेपाली शराब में नेपाल में तैयार होने वाली सौंफी और ग्रेनी संतरा शराब शामिल है। आपको बताते कि रुपइडिहा बॉर्डर पर आये दिन सौंफी और संतरा की भारी खेप पकड़ी जाती रही है। बावजूद इसके भारतीय सीमा में इसकी बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बॉर्डर पार से आने वाली नेपाली शराब की खेप को भारतीय सीमा में आने से बार्डर पर लगी पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां रोकने में क्यों नाकाम हैं। ये एक बड़ा सवाल है।
Published on:
18 Feb 2018, 4:24 PM IST
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