
बहराइच. जिले की मित्र पुलिस का काला सच एक बार फिर सामने आया है। यहां एक जमीनी विवाद में कब्जेदारी के मामले को लेकर पीड़ित परिजनों पुलिस द्वारा विपक्षियों से मोटी रकम लेकर जमीन की कब्जेदारी कराने के मामले में दबंगों को शह देने का संगीन आरोप लगा है। ये सनसनीखेज़ मामला थाना पयागपुर इलाके के दुहेलवा गांव से सामने आया है। जहां दो भाइयों के बीच चली आ रही पुश्तैनी ज़मीन के विवाद में छोटे भाई और उसके-साले ने पुलिस टीम के सामने ही अपने बड़े भाई की पिटाई करने के बाद मौके पर ही बंधक बनाकर जहर पिलाने का काम कर डाला। जिससे उसकी मौत हो गई। इस पूरी घटना में पयागपुर पुलिस पर दबंगों से मोटी रकम लेकर मामले को दबाने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। यही नहीं पुलिस ने मामले को रफा दफा करने की जल्दबाजी में बिना परिजनों की मौजूदगी के आनन फानन में शव का पोस्टमार्टम करवाने का भी आरोप पीड़ित परिजनों की तरफ से लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक दुहेलवा गांव निवासी कृपाराम पाण्डेय के बेटों के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि कल जब उनका बड़ा बेटा 40 वर्षीय संजय खेतों पर अपने हिस्से की फसल काटने पहुंचा तो छोटे भाई ने अपने ***** और कई साथियों के साथ खेत पर पहुंच गया। आरोपी ने मौके पर पुलिस को भी बुला लिया और बड़े भाई से पुलिस की मौजूदगी में मारपीट शुरू कर दी। परिजनों के मुताबिक छोटे भाई के-साले ने पुलिस की मौजूदगी में अपने दो साथियों के साथ मिलकर पहले तो मारापीटा फिर जबरन ज़हर पिला दिया। आरोप है कि घटना की सूचना पर जब मृतक का बेटा मौके पर पहुंचा और पिता को अस्पताल ले जाने लगा तो पुलिस ने उल्टा उसको ही थाने में बैठा लिया और पीड़ित को जीप में बिठा जिला अस्पताल ले गई जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस पूरी घटना में पीड़ित परिवार पयागपुर एसओ संजय मिश्रा पर गंभीर आरोप लगा रहा है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर मृतक को काफी देरी से अस्पताल पहुंचाया। यही नहीं रात में परिजनों को सुबह पंचनामा भरने की बात कह कर वापस भेज दिया गया और बाद में बिना किसी परिजन की मौजूदगी के शव का पोस्टमार्टम करवा के शव को मृतक के घर एक गाड़ी पर लादकर भेज दिया गया। इसके एकदम उलट पयागपुर पुलिस इस मामले में किसी भी तरह की तहरीर न मिलने की बात कर रही है। यही नहीं पुलिस का कहना है कि पिता ने बड़े बेटे के नाम कोई जमीन नहीं की थी, जिसके चलते हताशा में उसने ये कदम उठाया।
वही पिता का बयान पुलिस की पोल खोलता नजर आ रहा है। इस पूरे मामले में पुलिस और थाना प्रभारी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, वही जिले के आलाधिकारी भी इस घटना पर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। जिससे मामले की गंभीरता बढ़ती जा रही है।
Published on:
24 Apr 2018, 2:20 PM IST
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