12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी आस्था की भीड़

भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की।  

2 min read
Google source verification
bahraich

सावन के अंतिम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी आस्था की भीड़

श्रावस्ती. सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। देवाधिदेव महादेव की आराधना का मास श्रावण शिव भक्तों के लिए काफी महत्व रखता है। सावन के अंतिम सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों सहित शिव मंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ा, भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना किया।
सिरसिया के विभूतिनाथ मंदिर परिसर में शिवभक्तों का तांता लगा रहा। कई स्थानों पर कांवरियों ने विभिन्न जलाशयों से जल लेकर देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया। मौसम अनुकूल होने के कारण शिवभक्तशिवालयों पर देवाधिदेव पर जलाभिषेक के लिए अपनी-अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
सावन मास के अंतिम सोमवार पर शिवभक्तों ने सिरसिया के विभूतिनाथ व स्वर्णप्रस्तरी आश्रम, गिलौला के सदाशिव महादेव, इकौना के बेचूबाबा व जमुनहा के जगपतिनाथ सहित अन्य शिवालयों पर अपने आराध्य देव महादेव का जलाभिषेक किया। शिव भक्त सूर्योदय से पूर्व ही भगवान विभूतिनाथ पर जलाभिषेक के लिए गुप्त गंगा (रजियाताल) से जल लाकर अपनी बारी का इंतजार कर जलाभिषेक करते रहे। भक्तों ने शिवालयों में पहुंच कर जल, अक्षत, दूब, बेल पत्र, चंदन, रोली, घृत, मदार, धतूर, भांग, गांजा, शहद, दही, गौ दूध, ऋतु फल व मिष्ठान चढ़ाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। शिव भक्त व कावंरियों द्वारा नजदीकी जलाशयों व राप्ती नदी के विभिन्न तटों से जल लेकर विभूतिनाथ सहित नजदीकी शिवमंदिर पहुंचे। जहां उनके द्वारा बोल बम का नारा है बाबा एक सहारा है आदि उद्घोष कर देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान सिरसिया के विभूतिनाथा मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से शुरू हुआ त्रिलोकपति के अराधना का कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। इसके साथ ही महिलाओं व शिवभक्तों ने व्रत रख अपने आराध्य देव का जलाभिषेक किया व पूजन अर्चन कर अपने व अपने कुटुंब के कल्याण की कामना की।
इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर शिवालयों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। वहीं विभूतिनाथ मंदिर, झारखंडी महादेव मंदिर सहित अन्य शिवलायों में भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमे पहुंच कर लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।