
अर्जुननाला टेमनी तालाब की अनदेखी
कटंगी। नगर के अर्जुननाला में स्थित टेमनी तालाब का अस्तित्व इन दिनों खतरे में है। शासन-प्रशासन की अनदेखी के चलते यह तालाब अपनी बदहाली पर आंसु बहा रहा है। किसानों ने बताया कि तालाब की पार पूरी तहस-नहस हो चुकी है और तालाब में ओवर फ्लो पाईप नहीं है। ऐसे में अगर इस वर्ष अच्छी बारिश होती है और तालाब में जल संग्रहण होता है तो तालाब की पार का कमजोर हिस्सा फूट सकता है। जिससे सैकड़ों एकड़ में लगने वाली किसानों की फसल तथा नीमटोला एवं नागोटोला की आबादी प्रभावित हो सकती है। किसानों के अनुसार यह तालाब जनपद पंचायत के अधीन है। लेकिन नगरीय सीमा में होने के कारण इसका कायाकल्प नहीं हो रहा है। फिलहाल इन दोनों विभागों की क्षेत्रीय लड़ाई में तालाब अपनी पहचान खोता जा रहा है।
गौरतलब हो कि सरकारों के अलावा न्यायपालिका भी तालाबों के संरक्षण को लेकर अपना आदेश सुना चुकी है। मगर, फिर भी क्षेत्र के कई शासकीय तालाब प्रशासनिक उदासीनता के कारण बदत्तर हालात में है। टेमनी तालाब इसका एक छोटा सा उदाहरण मात्र है। ऐसा नहीं है कि स्थानीयवासी, किसान तथा मछुआरों ने इस तालाब की दशा सुधारने के लिए कोई आवाज नहीं उठाई है। यह सभी कई बार विधायक, जनपद पंचायत, नगर पंचायत, तहसीलदार तथा अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन देकर बीते वर्ष क्षतिग्रस्त तालाब के पार की मरम्मत कराने एवं ओवर फ्लो पाईप लगाने के लिए मिन्नते कर चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इनकी आवाज आज तक नहीं सुनी गई है।
अवैध खनन से गहरीकरण
किसानों ने बताया कि कई दशक पहले इस तालाब का निर्माण फसलों की सिंचाई करने, मवेशियों को पानी पिलाने तथा मत्स्य पालन के लिए किया गया था। लेकिन सरकारी उपेक्षा के कारण तालाब की स्थिती दिनों-दिन दयनीय होती जा रही थी। इस दरम्यिान करीब डेढ़ वर्ष पूर्व सड़क निर्माण करने वाली एक कंपनी ने इस तालाब से अवैध मिट्टी खनन किया। जिससे तालाब का गहरीकरण हो गया। किसान इस अवैध खनन के बाद भी कंपनी का शुक्रगुजार करते हैं। किसानों का कहना है कि जो काम प्रशासन ने वैध तरीके से नहीं किया। उसे कंपनी ने अवैध तरीके से कर दिया।
मरम्मत करने की मांग
इस तालाब से करीब 16 सौ एकड़ में लगने फसलों की सिंचाई बड़ी ही आसानी से हो जाती है। बीते वर्ष स्थानीयवासी, कृषक तथा मछुआरों ने सामुहिक रुप से श्रमदान कर इस तालाब की पार फुटने से बचाने के लिए पार में बोरी बंधान किया था। लेकिन इस वर्ष बोरीबंधान करने के बाद भी तालाब की पार को टूटने से बचा पाना मुश्किल है। चुकिं यह तालाब बारिश के मौसम में पूरी तरह से लबालब हो जाता है। स्थानीयवासी योगराज ठाकरे, गोमाजी सोनवाने, शिवाजी सहारे, मनोज रैकवार, दिलीप सहारे, महेश रोकड़े, गजानंद दरवड़े, गेंदलाल राहंगडाले, योगेन्द्र राहंगडाले, कृपाराम टेम्भरे, किशोर राहंगडाले, आशीष माने, सुनील कुमार बरेन्जा, टोलीराम, रामचंद बाहेश्वर, देवेन्द्र सहित अन्य ने टेमनी तालाब के पार की मरम्मत करने एवं ओवर फ्लो पाईप लगाने की मांग की है।
इनका कहना है।
मुझे इसकी जानकारी नही है कि यह तालाब जनपद का है, पता करके इस दिशा में कोई कार्य करने का प्रयास करते है।
व्हीपी श्रीवास्तव, जनपद सीईओ
Published on:
25 May 2018 03:22 pm
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