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नपाध्यक्ष ने किया नाली निर्माण के लिए भूमिपूजन

शहर के वार्ड नंबर १४ बस स्टैंड स्थित खिलिया मुठिया मंदिर के पास बनाई जाने वाली सिमेंटीकृत नाली के निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया।

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बालाघाट. शहर के वार्ड नंबर १४ बस स्टैंड स्थित खिलिया मुठिया मंदिर के पास बनाई जाने वाली सिमेंटीकृत नाली के निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया गया। यहां करीब 117 मीटर लंबी नाली लागत 5.37 लाख रुपए के निर्माण कार्य का नपाध्यक्ष अनिल धुवारे के हस्ते पूजन किया गया।
इस अवसर पर सुभाष मंगे, लोकमान कौशल, अरुण गुप्ता, दीपक जैन, अनिलसिंह ठाकुर, पार्षद यासिन खान, उपयंत्री अभिलाष श्रीवास, कमलेश बिजेवार, झनकलाल पारधी, जुहारीलाल लिल्हारे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान नपा अध्यक्ष ने बस स्टैंड में जाकर स्थानीय समस्याओं को भी देखा।

रामकृष्ण परमहंस जैसा गुरू के लिए विवेकानंद बनना जरूरी
बालाघाट. जिले के सांईधाम झालीवाड़ा में २२ दिसंबर से शिर्डी सांईबाबा के प्राण प्रतिष्ठा का आठवां वार्षिकोत्सव मनाया जा रहा है। इस १० दिवसीय कार्यक्रम में विविध धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हंै। इस दौरान संगीतमयी श्रीमद् देवी भागवत पुराण का वाचन व्यास आसन पर विराजमान होकर वाचक नीलेश शास्त्री द्वारा प्रतिदिन किया जा रहा है। कथावाचक शास्त्री ने भक्तों को श्रीमद् देवी भागवत पुराण का वाचन करते हुए कहा कि कथा सुनकर यदि और कथा सुनने की इच्छा जाग्रत हो तो समझ लेना कि आपके मन को कथा के रस का अनुभव हो चुका है। जो सोचता है कि कथा सुन लिया कथा चलती रहती है। तो समझना चाहिए कि मेरे मन को कथा का रस प्राप्त नहीं हुआ है। जिस दिन मन को भागवत कथा का रस प्राप्त होता है, उस दिन मन भरता नहीं और सुनना चाहता है।
शास्त्री ने कहा कि लोग सोचते हैं कि मुझे रामकृष्ण परमहंस जैसा गुरू मिले। लेकिन खुद स्वामी विवेकानंद नहीं बनना चाहते। गुरू महापुरुष चाहने पर शिष्य में वो पात्रता तो हो भगवान मिले पर भक्त की पात्रता मुझमें है या नहीं देखना चाहिए। कहने का तात्पर्य है पात्रता का जन्म होना चाहिए।
प्रति गुरुवार भंडारा-
सांईधाम झालीवाड़ा में प्रति गुरुवार भंडारे की परंपरा निभाई जाती हैं। नगर के प्रसिद्ध व्यापारी परिवार द्वारा सप्ताह के प्रत्येक गुरूवार को भंडारे का आयोजन किया जाता है। जिसमें सैकड़ों लोग सांई के दर्शन कर धर्म लाभ लेते है।