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संत रविदास की जयंती-रैली निकाली, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

रविदास सांस्कृति भवन में हुए विविध आयोजन

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बालाघाट. संत शिरोमणि रविदास की जयंती की शनिवार को जिले भर में मनाई गई। इस दौरान जगह-जगह विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहर मुख्यालय में अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के बेनर तले आयोजन हुए।
जयंती के अवसर पर नगर के वार्ड नंबर 13 बूढ़ी स्थित संत गुरु रविदास सांस्कृतिक भवन में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। शनिवार की सुबह मंदिर से एक रैली निकाली गई। जो संत शिरोमणि गुरु रविदास चौक पहुंची। इस दौरान प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद रैली नगर भ्रमण कर संत शिरोमणि गुरु रविदास चौक और वहां से पुन: आयोजन स्थल पहुंची। इसके बाद भवन में मंचीय व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। मंचीय कार्यक्रम के माध्यम से वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन पर प्रकाश डाला। सभी को उनके उद्देश्यों को आत्मसात करने का आव्हान किया।
इधर, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने भी संत रविदास की जयंती मनाई। इस दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष सुरजीतसिंह ठाकुर, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महामंत्री सिद्धांत पाटिल, नगर अध्यक्ष अखिलेश चौर, भाजपा नगर उपाध्यक्ष डॉ. अक्षय कटरे, भाजयुमो नगर अध्यक्ष जैनेन्द्र कटरे, चेतन मराठा, संतोष सिंगारे, कृष्णा मेश्राम, कपिल सूर्यवंशी सहित अन्य मौजूद रहे। भाजपा अनुसूचित मोर्चा महामंत्री सिद्धांत पाटिल ने बताया कि संत शिरोमणी रविदास को गुरु रविदास, रैदास, रुहिदास और रोहिदास जैसे कई नामों से जाना जाता है। रविदास जयंती और माघी पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। संत रविवास बेहद धार्मिक स्वभाव के थे। वे भक्तिकालीन संत और महान समाज सुधारक थे। संत रविदास ने भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया। इन्होंने लोगों को बिना भेदभाव के आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी। उनके उपदेशों और शिक्षाओं से आज भी समाज को मार्गदर्शन मिलता है। संत रविदास ने अपना संपूर्ण जीवन समाज से जाति भेदभाव को दूर करने और समाज सुधार व समाज कल्याण कार्यों में समर्पित कर दिया। जिन्होंने समाज विभाजन को दूर करने पर जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया।