
बालाघाट. शाम ढलते ही एक बार फिर ग्रामीणों में बाघ की दहशत बनने लगी है। दरअसल, बाघ शाम के वक्त मुख्य मार्ग पर विचरण करता है। जिसके चलते ग्रामीणों में भय बना हुआ है। हालांकि, बाघ ने अभी तक किसी प्रकार की हिंसक घटना को अंजाम नहीं दिया है। लेकिन इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। मामला खैरलांजी के येरवाघाट-गर्राबोड़ी क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार गर्राबोड़ी-येरवाघाट मार्ग पर शाम के वक्त बाघ विचरण करते रहता है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां से रोजाना ग्रामीणों का आवागमन होता है। जिसके कारण ग्रामीणों में डर बना हुआ है। इधर, बाघ की दहशत के चलते ग्रामीणों का कार्य भी काफी प्रभावित हो रहा है।
बाघ के मिले पैरों के निशान
गर्राबोड़ी-येरवाघाट मार्ग पर बाघ के पैरों के निशान भी मिले हैं। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को इसकी सूचना नहीं दी गई है। ग्रामीणों की माने तो बाघ का रोजाना मूवमेंट होता है। जिसकी वजह से ग्रामीण काफी भयभीत है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में वन अधिक है। बाघ सहित अन्य हिंसक वन्य जीव इस क्षेत्र में लगातार विचरण करते हैं। जिसके चलते बाघ या अन्य हिंसक वन्य जीवों के रोड पर आने की यह कोई पहली घटना नहीं है।
सीएचसी में अविवाहित युवती ने दिया मृत शिशु को जन्म
परसवाड़ा. गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परसवाड़ा में एक अविवाहित 18 वर्षीय युवती ने मृत शिशु को जन्म दिया। परिजनों की माने तो गुरुवार की सुबह युवती के पेट में दर्द हो रहा था। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसवाड़ा में भर्ती कराया गया था। जहां पर नर्स ने उसके गर्भवती होने की जानकारी दी। प्राथमिक उपचार उपरांत युवती ने एक मृत शिशु को जन्म दिया। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले की सूचना परसवाड़ा पुलिस को दी। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवती का अपने ही जीजा के साथ अवैध संबंध थे। जिसके कारण वह गर्भवती हो गई थी। परसवाड़ा एसडीओपी जगन्नाथ मरकाम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू की है। उन्होंने कहा कि अविवाहित युवती से बच्चे का जन्म होना संदेह के घेरे में आता है। जिसकी जांच कराई जा रही है। इस मामले में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीडि़त अविवाहित युवती का कहना है कि व अपने जीजा के साथ आगे का जीवन बीताना चाहती है।
नेशनल लोक अदालत का आयोजन ९ को
बैहर. कार्यपालक अध्यक्ष मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार और जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देशन में 9 दिसम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है। नेशनल लोक अदालत में समझौते योग्य आपराधिक प्रकरण, शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा-138 के अन्तर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत व जलकर, बिल संबंधी प्रकरण, (चोरी के मामलों को छोड़कर) सेवा मामले जो सेवानिवृत्त लाभों से संबंधित है सहित अन्य प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। ऐसे पक्षकार जो अपने मामले का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हंै, वे अपने अभिभाषक या अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन पत्र संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत कर प्रकरण का निराकरण करा सकते है। न्यायाधीश व अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति बैहर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में नगर पालिक निगम और नगर पालिका परिषद, नगर परिषद के संपत्ति कर एवं जलकर संबंधी प्रकरणों के निराकरण में सम्पत्ति कर अधिभार (सरचार्ज), जल उपभोक्ता प्रभार (सरचार्ज) में छुट प्रदान की गई है।
Published on:
01 Dec 2017 11:30 am
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