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इंटर स्टेट हॉकी टूर्नामेंट पहले मैच में निर्णायक के निर्णय को लेकर हुआ विवाद

इंटर स्टेट हॉकी टूर्नामेंट पहले मैच में निर्णायक के निर्णय को लेकर हुआ विवाद

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इंटर स्टेट हॉकी टूर्नामेंट पहले मैच में निर्णायक के निर्णय को लेकर हुआ विवाद

इंटर स्टेट हॉकी टूर्नामेंट पहले मैच में निर्णायक के निर्णय को लेकर हुआ विवाद

स्व दीवान बहादुर एमएम मुलना की स्मृति में स्थानीय शहीद चन्द्रशेखर एस्टोटर्फ मैदान में 4 जनवरी से मप्र महिला स्टेट हॉकी टूर्नामेंट जारी है। टूर्नामेंट का सेमी फाइलन मैच 8 जनवरी को खेला गया। दोपहर 2.30 बजे से पहला मैच रायसेन व भोपाल के मध्य खेला गया। इसमेे रायसेन 3-2 गोल की बढ़त बनाए हुए थी। भोपाल के पक्ष में दिए दूसरे गोल को लेकर भी रायसेन के खिलाडिय़ों ने नाराजगी जताई थी।

कुछ देर बाद भोपाल टीम के तीसरे गोल को लेकर मुख्य एम्पायर ने गोल दे दिया। लेकिन रायसेन टीम के खिलाडिय़ों के आपत्ति लेने पर सेकेंड एम्पायर द्वारा इसे गोल नहीं होना कहा गया। दोनों निर्णायकों के आपस में चर्चा करने के बाद इसे गोल नहीं दिया गया। इससे भोपाल टीम नाराज हो गई, खेलने से मना कर दिया। काफी समझाईश के बाद भी भोपाल टीम नहीं मानी। निर्धारित समय बाद टेक्नीकल डेस्क ने समय समाप्ति का बिगुल बजाते हुए रायसेन की जीत घोषित की। इस निर्णय का भोपाल टीम ने काफी विरोध जताया। इस विरोध और समझाने के प्रयास में अधिक समय हो जाने के कारण दूसरा सेमी फाइनल मैच नहीं हो सका।

दूसरा सेमी फाइनल मैच मंदसौर और जबलपुर के बीच खेला जाना था। आयोजन समिति ने दूसरे दिन 9 जुलाई को सुबह 7.30 बजे से दूसरा सेमी फाइलन मैच मंदसौर व जबलपुर के बीच खिलाने का निर्णय लिया है।
फाइनल मैच दोपहर 2.30 बजे से खेला जाएगा। हालॉकि टेक्नीकल डेस्क व टूर्नामेंट कमेटी द्वारा रायसेन टीम को जीत दे दिया गया है। अब देखा ये जाएंगा कि फाइनल मैच रायसेन व दूसरे सेमी फाइलन मैच के विजेता के बीच खेला जाएगा या इस निर्णय को लेकर और कुछ विवाद सामने आ सकता है।

इस तरह का रहा घटनाक्रम

बता दें कि सेमी फाइलन मैच में भोपाल टीम के खिलाडिय़ों ने पहले एक गोल कर 1-0 से बढ़त बना ली थी। इसके बाद रायसेन की टीम ने एक गोल कर मैच बराबरी पर ला दिया। मध्यांतर के बाद अंतिम हॉफ में रायसेन की टीम ने दो गोल किए और 3-1 से रायसेन बढ़त में थी। लेकिन खेल के अंतिम 7-8 मिनट में भोपाल के खिलाड़ी ने दूसरा गोल किया। इसमें एम्पायर के डिसीजन को लेकर रायसेन के खिलाडिय़ों ने असंतुष्टि जताई, एम्पायर ने अपना निर्णय यथावत रखा।

खेल प्रारंभ होने के कुछ देर बाद ही गोल पोस्ट कीडी के बाहर से भोपाल के खिलाड़ी ने गेंद को शॉट मारा जो गोलपोष्ट में गया। इससे एम्पायर ने गोल दे दिया। लेकिन रायसेन के खिलाडिय़ों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई कि ये गोल नहीं फाउल है। इसके बाद सेकेंड एम्पायर व मुख्य एम्पायर के बीच चर्चा होने पर इसे गोल करार नहीं दिया गया।

इस तरह रायसेन 3-2 गोल से बढ़त बनाए थी। लेकिन इस निर्णय पर भोपाल टीम के कोच मैनेजर सहित खिलाडिय़ों ने असंतुष्टि जताते हुए आगे खेलने से मना कर दिया। टेक्नीकल टीम ने रायसेन को जीत घोषित कर दी। निर्णय को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और भोपाल इस निर्णय को मानने से इंकार करते हुए मैदान में ही डटी रही थी।