उकवा. प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती, फिर चाहे वह किसी गरीब परिवार में हो या अमीर। पत्थर को तराश कर ही हीरा बनाया जाता है। कुछ ऐसा ही कारनामा हमारे मजदूर भाई के बेटे-बेटियां ने कर दिखाया है। यह विचार उकवा खान प्रबंधक प्रशांत डकरे ने व्यक्त किए। हाल ही में उकवा खान में कार्यरत खान श्रमिक महेंद्र नंद की बेटी प्रतीक्षा नंद का चयन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में हुआ। वहीं एक अन्य कर्मचारी सुमिता सिक्का के पुत्र तन्मय सिक्का जिसका चयन एमबीबीएस हेतु हुआ है। जानकारी लगने पर मॉयल प्रबंधन ने दोनों श्रमिकों के बेटा-बिटियां के सम्मान के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन गुरूवार को मॉयल परिसर में किया। इस दौरान मॉयल प्रबंधक ने पूरे मामले में हर्ष व्यक्त करते हुए दोनों श्रमिक परिवारों का सम्मान कर उन्हें बधाईयां दी।
प्रबंधक ने कहा कि ये पूरे मॉयल परिवार के लिए अत्यंत ही खुशी की बात है। यह अन्य बच्चों के लिए भी एक प्रेरणा होगी कि एक मॉयल मजदूर की बेटी वर्दी पहन देश सेवा करेगी। एमबीबीएस हेतु चयनित तन्मय जिसके पिता का देहांत हो गया है, मां मॉयल में श्रम कर अपने बेटे को एमबीबीएस डॉक्टर बनाने भेज रही है। निश्चित ही एक मां के लिए भी बहुत गौरव की बात है।
इस अवसर पर सर्व धर्म सेवा समिति उकवा के अध्यक्ष जेम्स बारीक, मुख्य कार्मिक अधिकारी अतुल डुंगडुंग के साथ मॉयल के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।