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डिग्री बीईएमएस की, उपचार कर रहे एलोपैथी पद्धति से

स्वास्थ्य अमले ने क्लीनिक पहुंचकर डिग्री, एलोपैथी दवाओं सहित अन्य सामग्री को किया जब्तक्लीनिक को दो साल में तीन बार बंद करने की हो चुकी है कार्रवाई

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बालाघाट. डिग्री बीईएमएस (बेचलर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी) की और उपचार एलोपैथी पद्धति से। स्वास्थ्य विभाग भोपाल और मानव अधिकार आयोग के आदेश के बाद जिले के स्वास्थ्य अमले नींद से जागा। सीएमएचओ डॉ. मनोज पाण्डेय ने एक टीम का गठन कर मामले की जांच कराई। जांच टीम ने मौके से संबंधित डॉक्टर की डिग्री, एलोपैथी दवाएं, पंजीयन नंबर सहित अन्य दस्तावेजों को जब्त कर लिया। मामला जिले के बिरसा क्षेत्र के मोहगांव में संचालित चांदसी क्लीनिक का है। पत्रिका ने भी झोलाछाप चिकित्सकों की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जानकारी के अनुसार मोहगांव में चांदसी दवाखाना के नियम विरुद्ध संचालन की शिकायत वार्ड क्रमांक 6 नया बस स्टेंड मोहगांव निवासी मोहम्मद मुदससीर खान ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल आयुक्त, संचालक से लेकर आइजी, कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ सहित अन्य अधिकारियों से की थी। इसी शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग बालाघाट की टीम मोहगांव स्थित चांदसी दवाखाना की जांच करने के लिए पहुंची थी। निरीक्षण दल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मदन मेश्राम, मेडिकल ऑफिसर डॉ हरीश मसराम, अकरम मंसूरी, हेमंत बोहरे सहित अन्य शामिल थे। टीम ने चांदसी क्लीनिक पहुंचकर संबंधित डॉक्टर के डिग्रीयों की जांच की। मौके से कुछेक ऐलोपैथी की दवाई भी जब्त। मौके पर ही पंचनामा कार्रवाई की। दस्तावेजों को जांच के लिए बालाघाट लाया गया है।
इसके पूर्व भी हुई जांच
वार्ड क्रमांक 9 नेवरगांव निवासी भगवान सिंह तेकाम ने 6 नवम्बर 2022 को सीएम हेल्पलाइन में मोहगांव में चांदसी दवाखाना के फर्जी तरीके से संचालन की शिकायत की थी। जिसकी जांच बिरसा बीएमओ ने 9 नवम्बर 2022 को की थी। जांच के दौरान चिकित्सा व्यवसाय करने से संबंधित कोई भी वैद्य दस्तावेज नहीं पाए गए थे। क्लीनिक संचालन के लिए किसी भी सक्षम अधिकारी का जारी प्रमाण पत्र भी नहीं पाया गया। जिसकी जांच रिपोर्ट बीएमओ ने 16 नवम्बर 2022 को सीएमएचओ को सौंपी थी। सीएमएचओ ने 18 नवम्बर को झोलाछाप चिकित्सक पर कार्यवाही करने के लिए बीएमओ को पत्र लिखा था। 22 नवम्बर 2022 को बीएमओ ने स्थानीय तहसीलदार, थाना प्रभारी के सहयोग से दवा खाना को सील कर दिया। जिसकी रिपोर्ट बीएमओ ने 1 दिसम्बर 2022 को सीएमएचओ को भेजी थी। इसके बाद 22 दिसम्बर 2022 को सीएमएचओ डॉ. संजय रॉय को आवेदन के आधार पर इलेक्ट्रो होम्योपैथी क्लीनिक संचालन के लिए अनुमति प्रदान की थी।
नहीं हो पा रही है ठोस कार्रवाई
झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल ने भी आदेश दिए है। बावजूद इसके जिले में स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण झोलाछाप चिकित्सक मनमाने तरीके से ग्रामीणों के जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
इनका कहना है
विभाग के आदेश पर मोहगांव में संचालित चांदसी दवाखाना की जांच की गई है। मौके से डिग्री, एलोपैथी दवाएं सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। जांच के दौरान डिग्री संदेहास्पद नजर आई है, जिनकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंपी जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
-डॉ. मदन मेश्राम, जिला स्वास्थ्य अधिकारी