
पहले बनाई जब्ती, फिर बिना कार्रवाई के वाहनों छोड़ा
बालाघाट/लालबर्रा. मुरूम का बिना अनुमति के अवैध खनन व परिवहन किए जाने के नाम पर पहले वाहनों पर कार्रवाई कर जब्ती बनाई गई। इसके बाद बिना किसी जुर्माना व कार्रवाई के वाहनों को छोड़ दिया गया। मामला लालबर्रा तहसीलदार द्वारा क्षेत्र के बिरसोला में की गई कार्रवाई से जुड़ा है। इस घटनाक्रम के बाद तहसीलदार की कार्रवाई गफलत में नजर आ रही है। वहीं कार्रवाई को लेकर कई तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं। अवैध खनन में लिप्त वाहनों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया जाना समझ से परे लग रहा हैं। यदि कार्रवाई अकारण ही की गई तो वाहनों की जबरन जब्ती बनाकर कार्य अवरुद्ध क्या किया गया व वाहनों मालिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
तहसीलदार से प्राप्त जानकारी के अनुसार २० फरवरी को जानकारी लगने पर उनके द्वारा बिरसोला से मुरूम के अवैध खनन में लिप्त जेसीवी मशीन व मुरूम का परिवहन कर रहे चार ट्रेक्टरों की जब्ती बनाई गई। इसके बाद वाहनों को लालबर्रा थाने में पुलिस अभिरक्षा में खड़े करवा दिया गया। वहीं प्रकरण आगामी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे जाने की बात भी तहसीलदार द्वारा कही जा रही है। इसके पूर्व की वरिष्ठ कोई कार्रवाई करते २२ फरवरी को जब्त वाहनों को छोड़ दिया गया है। इस मामले में वाहन मालिकों पर क्या कार्रवाई की गई व बिना कार्रवाई के वाहनों को क्यो छोड़ दिया गया इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। पूरा मामला संदिग्ध व जांच का विषय बन गया है।
इन वाहनों की बनाई गई थी जब्ती
तहसीलदार द्वारा वाहनों पर कार्रवाई के दौरान बनाई गई जब्ती के सुपुर्दनामें के अनुसार मौके से नितेश पिता आशाराम कातुरे बिरसोला का एक ट्रेक्टर वाहन, अशोक ठाकरे का ट्रेक्टर वाहन व गिरधारी ठाकरे के ट्रेक्टर वाहन सहित एक जेसीवी मशीन की जब्ती बनाकर पुलिस अभिरक्षा में खड़े किया गया था। लेकिन वर्तमान में मौके स्थल थाना परिसर से सभी वाहन नदारत है। इस मामले में तहसीदार का कहना है कि नायाब तहसीलदार द्वारा उक्त वाहनों को छुड़वाया गया है। लेकिन वरिष्ठों द्वारा क्या दिशा निर्देश दिए गए या क्या कार्रवाई की गई इस बात का जवाब उनके पास नहीं है। जिनका कहना है कि वरिष्ठों को जानकारी भेजी गई है, उनके द्वारा आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वर्सन
हमें नायाब तहसीलदार द्वारा पत्र मिला। जिसमें वाहनों को छोड़े जाने की बात कही गई थी। इसके बाद हमारे द्वारा विधिवत वाहनों को मालिकों को सुपुर्द किया गया है।
एमआर रोमड़े, थाना प्रभारी लालबर्रा
मामले की जांच करने पर पता चला कि खनन व परिवहन कार्य औद्योगिक कार्य के लिए नहीं बल्कि निजी भूमि स्वामी की जमींन में किया जा रहा था। इस कारण वाहनों को नायाब तहसीलदार की अनुमति पर थाने से छोड़ा गया है।
आकाक्षा चौरसिया, तहसीलदार लालबर्रा
Published on:
24 Feb 2020 05:01 pm
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