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गायत्री परिवार ने मनाई बसंत पंचमी

गायत्री मंदिर में विविध संस्कार आयोजित, 5 कुंडीय यज्ञ संपन्न

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गायत्री परिवार ने मनाई बसंत पंचमी

कटंगी। शहर के पाथरवाड़ा रोड स्थित गायत्री मंदिर में रविवार को गायत्री परिवार के द्वारा बसंत पंचमी का पर्व बड़े ही उत्साह एवं धार्मिक वातावरण में मनाया गया। इस मौके पर मंदिर में मुंडन, पुनवंश, गुरू दीक्षा, जनेऊ सहित अन्य सभी संस्कारों का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार प्रज्ञापीठ मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी विजय तुरकर ने बताया कि बसंत पंचमी को गायत्री परिवार गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के आध्यात्मिक जन्म दिवस के रूप में मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन गुरुदेव अपने महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करते रहे हैं। जैसे कि दादा गुरु का प्रकाशपुंज के रूप में दर्शन, अखंड ज्योति का प्रज्ज्वलन, अखंड ज्योति का संपादन, युग निर्माण योजना अभियान की शुरुआत आज ही के दिन से हुई थी। बसंत पंचमी के पूर्व मंदिर में गायत्री मंत्र अखंड जाप, दीप यज्ञ का आयोजन हुआ। जिसे आज विराम दिया गया।
बसंत पंचमी के मौके पर आज मंदिर परिसर में विशेष पूजा अर्चना संपन्न हुई। सरस्वती पूजन के बाद परिवार के सदस्यों ने युग निर्माण योजना के तहत चलाए जा रहे विचार क्रांति अभियान पर प्रकाश डाला। साथ ही समाज सुधार की दिशा में संचालित किए जा रहे आंदोलनों, साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, नारी जागरण, व्यसन मुक्ति पर्यावरण तथा कुरीति उन्मूलन में बढ़ चढ़कर भागीदारी करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एक वक्ता ने कहा कि आज विश्व समाज विभिन्न समस्याओं एवं विभिषिकाओं से ग्रसित हैं। जिसका एक मात्र कारण मानव के विचारों में आई दुष्ट प्रवृत्ति एवं चिंतन है। कुविचार, सुविचार से ही समाप्त हो सकते है। विचार परिवर्तन के द्वारा ही मानव में देवत्व का अवतरण हो सकता है। यह कार्य बुद्धिजीवियों के सत प्रयास से ही संभव है। इस अवसर पर अमानसिंह ठाकुर, विजय बिसेन, ईश्वरीप्रसाद बिसेन, गुलाबकला हरिनखेड़े, दिनेश्वर अमूले सहित गायत्री परिवार के पदाधिकारी एवं सदस्यगण मौजूद रहे।