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अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने गोवारी समाज ने भरी हुंकार

समाज ने निकाली अधिकार न्याय यात्रा

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अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने गोवारी समाज ने भरी हुंकार

बालाघाट. गोवारी समाज को अनुसूचित जनजाति के दर्जा का अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर आदिवासी गोवारी समाज ने अधिकार न्याय यात्रा के माध्यम से एक और संघर्ष की शुरूआत की है। यह शुरूआत किरनापुर मुख्यालय से की गई है।
जिले की संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी गोवारी समाज संगठन द्वारा निकाली जाने वाली अधिकार न्याय यात्रा का आगाज आदिवासी गोवारी समाज जिलाध्यक्ष महेश सहारे के नेतृत्व में किरनापुर से किया गया। जहां किरनापुर के आखर मैदान में आदिवासी गोवारी समाज के लांजी विधानसभा क्षेत्र सहित पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र परसवाड़ा के सभी ग्रामों से पहुंचे सामाजिक लोग मौजूद थे। सभा के बाद किरनापुर के प्रमुख मार्गों से अधिकार न्याय यात्रा निकाली गई, जो एसडीएम कार्यालय पहुंची। जहां एसडीएम आसाराम मेश्राम को मुख्यमंत्री के नाम तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। आदिवासी गोवारी समाज संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से गोवारी जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देकर जाति प्रमाण पत्र देने, गोवारी जाति को ओबीसी की सूची से विलोपित करने और गौठान भूमि से अतिक्रमण को हटाए जाने की मांग की गई है। इस पूर्व सभा को संबोधित करते हुए संगठन जिलाध्यक्ष महेश सहारे ने कहा कि शासन से वर्षों से समाज अपने अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहा है। लेकिन शासन गोवारी समाज को उसका संवैधानिक अधिकार देने में अनदेखी कर रहा है। जिससे प्रदेश की संपूर्ण गोवारी जाति में सरकार को लेकर असंतोष व्याप्त है। यदि सरकार ने जल्द ही गोवारी जाति को ओबीसी वर्ग से विलोपित कर अनुसूचित जनजाति का अधिकार नहीं दिया तो सरकार को आगामी समय में समाज की ओर से इसका दुष्परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनेक बार सरकार को ज्ञापन सौंपकर गोवारी समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग की गई, लेकिन आज तक सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इतना ही नहीं समाज के बेनर तले आंदोलन भी किया गया। बावजूद इसके भी सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे इसी तरह आंदोलन करते रहेंगे। इसके अलावा इस अधिकार न्याय यात्रा को अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
इस दौरान संगठन के संरक्षक बाबा नाथेश्वर, महिला जिलाध्यक्ष लक्ष्मीबाई वाघाड़े, येशुबाई कारसर्पे, उषा सहारे, भजनलाल गुरबेले, ब्लॉक अध्यक्ष बुधराम वगारे, कमलप्रसाद मंडलवार सहित अन्य ने भी संबोधित किया।