
बालाघाट लांजी नगर में वैसे तो कई ऐतिहासिक धरोहरे बिखरी पड़ी हुई है। लेकिन इनका समुचित विकास ना होने से धरोहरे धीरे-धीरे खंडहर होते जा रही है। ऐसी ही एक धरोहर लांजी में किले के रूप में है। जिसका अस्तित्व देखरेख के अभाव में खतरे में नजर आ रहा है। नगर के हृदय में विराजित इस ऐतिहासिक किले का विकास कर यहां उद्यान तथा यूजियम स्थापित किया जाता है, तो लोगों के लिए सुबह-शाम टहलने, बैठने व बच्चों को मनोरंजन की दृष्टि से घुमाने के लिए यह एक आकर्षण का केन्द्र हो सकता है। इससे पुरातत्व विभाग की आय भी बड़ सकती है।
इस संबंध में पूर्व विधायक किशोर समरिते ने बताया कि नगर को पर्यटन की दृष्टि से जोडऩे के लिए अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे है। लांजी के किले में हाई मास्क लाईट व किले के आसपास की खाई की सफाई के संबंध में नगर परिषद द्वारा प्रस्ताव बनाकर नियमानुसार आवश्यक की जा रही है, यदि इसमें सफलता मिलती है तो आने वाले समय में किले का सौदर्यीकरण किया जा सकेगा व लांजी नगर का नाम पर्यटन के नक्शे में दर्ज होगा।
थाने में शिकायत कर की कार्रवाई की मांग
बालाघाट. शहर के समीपस्थ की ग्राम पंचायत गर्रा में इन दिनों सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। जो कि ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण रामरज कन्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा है। जिसमें बेजा लापरवाही बरती जा रही है। निर्माण कंपनी मशीनों का उपयोग कर रही है। इस कारण आए दिन गांव की पेयजल योजना की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। इसमें कई बार निर्माण कंपनी को समझाईश देने के बावजूद सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है। अब थक हार कर ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी के विरूद्ध कलेक्टर और थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम के गणमान्य व जागरूक नागरिक राजेन्द्र प्रसाद चौबे ने बताया कि निर्माण कंपनी द्वारा सड़क निर्माण के पूर्व पंचायत में कोई सूचना नहीं दी है और ना ही कोई अनुमति ली है। इसके बावजूद बेधड़क होकर लापरवाही पूर्वक कार्य किया जा रहा है और पाइप लाइनों को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। जिससे पंचायत को करीब ७० हजार से अधिक की नुकसानी भी वहन करनी पड़ी है। चौबे ने बताया कि इस मामले की शिकायत संबंधित सभी अधिकारियों को की गई है। लेकिन एक भी जिम्मेदार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। जिसका खामियाजा गर्रा के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ती ठप होने से उन्हें बेजा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चौबे ने बताया कि अब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट चुका है। यदि शीघ्र ही इस मामले में कार्रवाई नहीं की जाती है और निर्माण कंपनी अपने कार्यो में सुधार नहीं लाती है तो ग्रामीणों के साथ मिलकर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी व निर्माण कंपनी की होगी।
वर्सन
निर्माण कंपनी द्वारा बार-बार पाइप लाइन क्षतिग्रस्त की जा रही है। इस मामले की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हमारे द्वारा निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
रीना त्रिवेदी, सरपंच ग्रापं गर्रा
Published on:
12 Apr 2018 04:24 pm
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