script जल आवर्धन योजना-मापदंडों की अनदेखी, 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा | Ignoring parameters, dream of 24 hour water supply unfulfilled | Patrika News

जल आवर्धन योजना-मापदंडों की अनदेखी, 24 घंटे जलापूर्ति का सपना अधूरा

locationबालाघाटPublished: Feb 03, 2024 10:20:42 pm

Submitted by:

Bhaneshwar sakure

8 वर्ष से अधूरी है योजना, वार्डों में होती है पेयजल की समस्या
नपा ने ठेकेदार को कर दिया 85 प्रतिशत से अधिक का भुगतान
वर्ष 2016 में स्वीकृत हुई थी योजना

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बालाघाट. नगर मुख्यालय में निर्माणाधीन जल आवर्धन योजना में मापदंडों की अनदेखी की गई है। 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी योजना अधूरी पड़ी हुई है। वार्डवासियों को 24 घंटे पानी देने का सपना भी अधूरा ही रह गया है। बावजूद इसके नगर पालिका ने ठेकेदार को 85 प्रतिशत से अधिक की राशि का भुगतान कर दिया है। वर्ष 2016 में यह योजना स्वीकृत हुई थी। 38 करोड़ रुपए की लागत यह योजना साकार होना था। वर्ष 2023 बीत जाने के बाद भी योजना ने मूर्त रुप नहीं ले पाई है।
जानकारी के अनुसार नगरीय क्षेत्र बालाघाट में वर्ष 2016 में जल आवर्धन योजना को स्वीकृति मिली थी। यह योजना 38 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होनी थी। वार्डवासियों को 24 घंटे जलापूर्ति किए जाने की घोषणा भी की गई थी। लेकिन अभी तक 24 घंटे जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। वर्ष 2016 में ही ठेकेदार से अनुबंध कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। इस योजना को वर्ष 2018 में पूरा किया जाना था। लेकिन तय सीमा में भी ठेकेदार ने निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाया। इसके बाद 1 वर्ष का एक्सटेंशन लिया गया। वर्ष 2019 में इसे पूरा किया जाना था। लेकिन इस नियत समय में भी ठेकदार ने इसे पूरा नहीं कर पाया। इस तरह वर्ष 2023 भी बीत गया, लेकिन अभी योजना साकार नहीं हो पाई है। अब इसकी लागत बढ़ गई है। बावजूदद इसके ठेकेदार न अभी तक इस योजना को नगर पालिका के हैंडओवर नहीं किया है।
कहीं पानी की टंकी नीचे तो कहीं पाइप लाइन में गड़बड़ी
जल आवर्धन योजना के निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मापदंडों का ध्यान नहीं रखा गया। कहीं पानी की टंकी नीचे लेवल पर बना दी गई है तो कहीं पाइप लाइन का गलत तरीके से विस्तार कर दिया है। जिसके चलते वार्डवासियों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इन दोनों ही तकनीकी अनदेखी के चलते पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जानकारी के अनुसार बुढ़ी, गायखुरी, सरेखा, गुजरी बाजार क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य के दौरान मापदंडों की अनदेखी की गई है।
पाइप लाइन का विस्तार कर दिया कनेक्शन
योजना के तहत नगर के सभी वार्डों में पाइप लाइन का विस्तार कर दिया गया है। 16500 से अधिक घरों के सामने कनेक्शन देने के लिए पाइप लगा दिए गए हैं। करीबन 11 हजार कनेक्शन लगाए गए है। इस योजना से अभी कुछेक वार्डों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। लेकिन वार्ड क्रमांक 2, 3, 9, 11, 18, 32, 33 सहित अन्य वार्ड ऐसे हैं, जहां पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी रहती है।
18 सौ कनेक्शन से व्यर्थ बह रहा पानी
इस योजना के तहत नगर में लगाए गए 18 सौ कनेक्शनों से व्यर्थ पानी बह रहा है। इन कनेक्शनों में ठेकेदार ने टोटी ही नहीं लगाया है। एक ओर जहां व्यर्थ पानी बह रहा है, वहीं दूसरी ओर वार्डवासियों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
इनका कहना है
वर्ष 2016 में स्वीकृत जल आवर्धन योजना में तकनीकी खामियां है। कुछेक स्थानों पर पानी की टंकी का निर्माण नीचले लेवल पर कर दिया गया है। निर्माण कार्यों के आधार पर ठेकेदार को भुगतान किया गया है। अब नगर पालिका इसे अपने हैंडओवर में लेगी।
-निशांत श्रीवास्तव, सीएमओ, नपा बालाघाट
जल आवर्धन योजना में अनेक खामियां है। योजना अभी भी अधूरी है। वार्डवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका ने ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड करने की बजाय उसे भुगतान कर दिया। बावजूद इसके जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है।
-अनुभा मुंजारे, विधायक, बालाघाट

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