
खनिज का अवैध खनन, परिवहन रोकने प्रदेश में चलाया जाएगा पुखराज अभियान
बालाघाट. मप्र में खनिज का अवैध उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए पुखराज अभियान चलाया जाएगा। खनिज का अवैध उत्खनन व परिवहन रोकना पुलिस, खनिज, राजस्व और जंगल विभाग की संयुक्त जवाबदारी है और इन विभागों के अधिकारियों को ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ इसके लिए कार्य करना होगा। यह निर्देश मप्र शासन के खनिज साधन मंत्री प्रदीप जायसवाल ने दिए। यह निर्देश शुक्रवार को बालाघाट में अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में कलेक्टर दीपक आर्य, एसपी अभिषेक तिवारी, वनमंडलाधिकारी एसकेएस तिवारी, जिपं सीईओ जगदीश गोमे और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
खनिज मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों से कहा कि बालाघाट जिले में अवैध रूप से रेत और मैगनीज का उत्खनन व परिवहन करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस कार्य में लगे पेशेवर व व्यवसायी लोगों पर कार्रवाई की जाए। कार्रवाई के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि सरकार का नुकसान न हो और आम जनता को परेशानी न हो। खनिज विभाग से जिन स्थानों पर खदान स्वीकृत हैं वहां पर ही खनन होना चाहिए। जिन स्थानों पर खदान स्वीकृति के लिए प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय जबलपुर से अनापत्ति नहीं मिली है, उनके लिए सही व पुख्ता दस्तावेजों के साथ अनापत्ति के लिए प्रस्ताव भेजा जाए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि रायल्टी किसी और खदान के नाम से काटी जा रही है और उत्खनन किसी और खदान से किया जा रहा हो। उन्होंने कहा कि तिरोड़ी, भरवेली क्षेत्र से रेत व मैंगनीज के अवैध रूप से उत्खनन और खुलेआम ट्रकों से परिवहन की शिकायतें मिल रही है। कहीं से भी ऐसी शिकायत नहीं आना चाहिए कि पुलिस ने साठ-गांठ कर पकड़े गए वाहन को छोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि उन्हें भी वन भूमि से खनिज के उत्खनन पर पैनी नजर रखनी होगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि किसानों और भूमि स्वामियों को अपने भू-स्वामी हक की जमीन से काटी गई लकड़ी के परिवहन में परेशानी नहीं हो इसका ध्यान रखा जाए। जो व्यवसायिक रूप से लकड़ी काट कर उसका अवैध परिवहन कर रहा हो उस पर कड़ी कार्रवाई करें। राजस्व विभाग को चाहिए कि वह किसानों और भूमि स्वामी को समय सीमा में लकड़ी काटने की अनुमति प्रदान करें।
बैठक में कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के भंडारण के लिए गोदाम की कम क्षमता व कम संख्या में केप होने के कारण अगले वर्ष जिले के प्रत्येक विकासखंड में एक-एक केप तैयार करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इससे धान के परिवहन में आने वाले व्यय को भी कम किया जा सकेगा। बैठक में मनरेगा के कार्यों की समीक्षा के दौरा मंत्री जायसवाल ने जिपं सीईओ से कहा कि वे मजदूरों को मजदूरी का भुगतान समय पर करवाने की व्यवस्था करें। गांव के गरीब मजदूरों को रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। इसके लिए गांव में ही पर्याप्त संख्या में मनरेगा के कार्य चालू रखे जाए। किसानों के फसल ऋण माफी की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक जिले के 87 हजार से अधिक किसानों के आवेदन प्राप्त किए जा चुके है।
Published on:
25 Jan 2019 09:09 pm
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