
सिलाई कढ़ाई के व्यवसाय को आय का बनाया जरिया
मुकेश यादव-
इंट्रो:- जीविका चलाने पहले मै एक कपड़ा दुकान में दो हजार में काम करती थी, जोकि जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं था। लेकिन आज हमारे पास आवश्यक सभी सुख सुविधाएं है, बच्चे अच्छे स्कूल में जा रहे हैं, मै दूसरों को रोजगार दे पा रही हॅू। स्वयं का लघु उद्योग स्थापित करने से यह सब संभव हो पाया है। यह कहना लालबर्रा कनकी की महिला उद्यमी योगिता भोयर का है।
बालाघाट. जिले की महिलाएं अब अबला नहीं रहीं, बल्कि सबला बनकर दूसरों को भी रोजगार दें रही हैं। स्वयं का सूक्ष्म, लघु उद्योग स्थापित कर परिवार की आजीविका का सहारा बन गई है। ऐसी जिले में करीब 11 हजार महिलाएं है, जिनके द्वारा चार-पान दुकान के संचालन से लेकर स्वयं के प्रोडक्टों का निर्माण कर रही है। इस वित्तीय वर्ष में करीब 138 महिलाओं को पीएम मुद्रा लोन से दो करोड़ 22 लाख 70 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि भी लोन के रूप में प्रदान करवाई गई है। जिन्होंने स्वयं का लघु उद्योग यूनिट डाल कर व्यापार शुरू कर दिया है।
आजीविका से मिला सहारा
सफल उद्यमी योगिता भोयर ने बताया कि उनके ग्राम में व्यापार करने के कोई साधन उपलब्ध नहीं है। इसलिए वह दो हजार में कपड़ा दुकान में काम किया करती थी। यहां से उसने कपड़ा व्यवसाय की बारीकियां सीखी। फिर उसे ग्राम में आजीविका समूह गठन की जानकारी मिली। योगिता भोयर शारदा आजीविका समूह से जुड़ी और अमोली में स्वयं का कपड़ा लघु उद्योग शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उसे 30 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। अब उसके कपड़ा व्यवसाय का करीब ढाई लाख से अधिक का टर्न ओवर है, जिसमें डेढ़ से अधिक की आमदानी उसे हो रही है।
दूसरों को भी दें रहीं रोजगार
योगिता भोयर के अनुसार आज उसने अपनी दुकान पर साड़ी सिलने और विक्रय के लिए महिलाओं और युवकों को रख रखा है। थोक विक्रेताओं से वह कपड़ा खरीदकर जिलेभर में फेरी लगवाकर कपड़ा व्यापार कर रही है। योगिता के उद्यम को देखकर अन्य महिलाएं भी प्रेरित होकर सामने आ रही है। जिनके द्वारा स्वयं की नई इकाई शुरू किए जाने का प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। योगिता के अनुसार आजीविका मिशन से जुडकऱ महिलाएं स्वयं को स्थापित कर सकती है। योगिता ने आजीविका मिशन को भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।
इस वर्ष 138 ने शुरू किया उद्योग
महिला उद्यमियों में योगिता भोयर अकेली महिला नहीं है, बल्कि लघु उद्यमिता विकास विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष में करीब 142 महिलाओं के प्रकरण पीएम मुद्रा लोन योजना के लिए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 138 को लोन सहायता मुहैया भी कराई जा चुकी है। वहीं जिले के दस विकासखडों में 82 महिलाएं ऐसी हैं, जिनके द्वारा 41 अगरबत्ती लघु यूनिट डालकर उद्योग संचालित किया जा रहा है। ये महिलाएं स्वयं को समाज में स्थापित करने के साथ ही अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा श्रोत बन रही है। जिनके द्वारा अन्य महिलाओं से भी समूह का गठन कर आजीविका मिशन और लघु उद्यमिता विकास के माध्यम से आगे बढऩे की प्रेरणा दी जा रही है।
वर्सन
जिले में करीब 11 हजार महिलाएं आजीविका मिशन से जुडकऱ स्वयं का लघु उद्योग संचालित कर रही है। वहीं करीब एक लाख 45 हजार परिवार जुड़े हुए हैं। इस वर्ष 179 महिलाओं के प्रकरण पीएम मुद्रा लोन के लिए भेजे गए। इनमें 138 को दो करोड़ से अधिक की राशि लघु उद्योग शुरू करने प्रदान की जा चुकी है।
ओम प्रकाश बेदुआ, जिला परियोजना प्रबंधक
फैक्ट फाइल-
वि.खं यूनिट महिलाएं
बालाघाट 04 08
बिरसा 01 02
कटंगी 03 06
खैरलांजी 05 10
किरनापुर 06 12
लालबर्रा 03 06
लांजी 04 08
परसवाड़ा 03 06
वारासिवनी 12 24
कुल योग- 41 80
नोट- जिले में अगरबत्ती यूनिट और यूनिट चलाने वाली महिलाओं की संख्या।
फैक्ट फाइल-
विख. लक्ष्य प्रकरण लभांवित प्रदाय की गई
भेज गए महिलाएं राशि लाख में
बैहर 50 23 16 21.86
बालाघाट 50 07 00 00.00
बिरसा 50 03 03 03.00
कटंगी 50 05 00 00.00
खैरलांजी 50 00 00 00.00
किरनापुर 50 24 18 19.00
लालबर्रा 50 07 07 09.50
लांजी 50 44 36 51.00
परसवाड़ा 50 43 43 107.0
वारासिवनी 50 23 16 11.14
कुल योग- 500 179 138 222.70
नोट- वर्ष 2022-23 में पीएम मुद्रा लोन के तहत लक्ष्य, बैंक भेजे गए प्रकरण, लाभान्व्ति महिलाए व उन्हें प्रदान की गई राशि।
Published on:
01 Sept 2022 09:33 pm
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