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ग्राम गर्रा में दस माह से बंद पड़ी है नल-जल योजना

पेयजल की आपूर्ति नहीं होने से परेशान हो रही जनतापीडि़तों ने जनसुनवाई में पहुंचकर अधिकारियों को सुनाई व्यथा

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ग्राम गर्रा में दस माह से बंद पड़ी है नल-जल योजना

बालाघाट. लालबर्रा विकासखंड के ग्राम गर्रा के वार्ड क्रमांक 2, 3 और 4 के निवासी शिकायत लेकर आए थे कि उनके वार्ड में पेयजल सप्लाई करने वाली नल-जल योजना 10 माह से बंद पड़ी है। माह में कभी कभार पानी आ जाता है। सरपंच रीना त्रिवेदी को भी इस बारे में शिकायत की गई है। लेकिन उनके द्वारा भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वर्षा के दिनों में इन वार्डों की जनता को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। पीडि़त वार्डवासियों ने उनके वार्ड में शुद्ध पेयजल प्रदाय करने की व्यवस्था करने की मांग की है। विदित हो कि मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। जिसमें कलेक्टर दीपक आर्य ने अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदकों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में कटंगी विकासखंड की ग्राम पंचायत बोलडोंगरी के पूर्व सरपंच नामदेव महाजन शिकायत लेकर आए थे कि ग्राम पंचायत बोलडोंगरी में शांतिधाम समतलीकरण का कार्य जिस खसरा नंबर की जमीन में स्वीकृत हुआ था उसमें न करा कर दूसरी भूमि पर करा दिया है। ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच गायत्री बोपचे, सचिव महेश ठाकरे द्वारा भी पंचायत के कार्यों में भारी अनियमितता की गई है। इसकी जांच कर दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी तरह किरनापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत जामड़ी के ग्रामीण शिकायत लेकर आए थे कि उनकी पंचायत की सरपंच सुनिता बालकृष्ण खोटेले को 10 अप्रैल 2018 को स्थानापन्न सरपंच के रूप में नियुक्त किया गया था। उनके द्वारा अपने कार्यकाल में अपने स्वयं के बैंक खाते में शासकीय राशि 8 लाख 93 हजार 679 रुपए ईपीओ के माध्यम से जमा कराई गई है। इसकी जांच कर सुनिता खोटेले से यह राशि वसूल की जाए और उनके विरूद्ध शासकीय राशि के गबन के मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए।