
खाट पर प्रसूता,गांव तक नहीं पहुंच पाई एंबुलेंस, दलदल में तब्दील हुई सडक़
खाट पर प्रसूता। चार लोग कांधे पर रखकर प्रसूता के घर ले जाते ग्रामीण। गांव तक एंबुलेंस का नहीं पहुंच पाना। सडक़ का दलदल में तब्दील होना। विकास के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर जिले के आदिवासी अंचल के लांजी क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेमनी के ग्राम जुनेवानी की है।
बालाघाट. खाट पर प्रसूता। चार लोग कांधे पर रखकर प्रसूता के घर ले जाते ग्रामीण। गांव तक एंबुलेंस का नहीं पहुंच पाना। सडक़ का दलदल में तब्दील होना। विकास के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर जिले के आदिवासी अंचल के लांजी क्षेत्र के ग्राम पंचायत टेमनी के ग्राम जुनेवानी की है।
जानकारी के अनुसार जुनेवानी निवासी प्रसूता आशा बाहे (24) का जिला चिकित्सालय बालाघाट में ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। प्रसव के बाद 3 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। प्रसूता और उसके बच्चे को 3 अगस्त को एंबुलेंस से गांव तक पहुंचाने के लिए रवाना भी किया गया। लेकिन विडंबना यह है कि एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई। ग्राम पंचायत टेमनी के चौंदाटोला मुख्यमार्ग पर ही एंबुलेंस को खड़ा करना पड़ा। यहां से जुनेवानी तक खाट की डोली बनाकर चार ग्रामीणों ने प्रसूता और उसके बच्चे को गांव तक लेकर गए। इसके बाद ही प्रसूता अपने घर पहुंच पाई।
600 मीटर सडक़ पूरी तरह से दलदल में तब्दील
ग्राम पंचायत टेमनी के वार्ड क्रमांक 15 की पंच भूमेश्वरी गजेंद्र खरे के अनुसार चौंदाटोला मुख्यमार्ग से जुनेवानी गांव तक 600 मीटर की दूरी है। लेकिन यह मार्ग पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो गया है। यह 600 मीटर का मार्ग आवागमन के योग्य नहीं है। यह मार्ग जुनेवानी के आगे ककोड़ी मुख्य मार्ग को जोड़ता है। जुनेवानी से ककोड़ी मुख्य मार्ग की दूरी करीब 2.50 किमी है। यह 2.50 किमी का रास्ता भी मौजूदा समय में दलदल में तब्दील है। इस कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गांव नहीं पहुंच पाते वाहन
ग्रामीणों के अनुसार मार्ग में इतना कीचड़ है कि कोई भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता है। किसी के बीमार होने के बाद उसे खाट या अन्य साधनों से मुख्य मार्ग तक लाया जाता है। इसके बाद उसे एंबुलेंस या अन्य साधन से अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। बारिश के दिनों में प्रतिवर्ष यह समस्या उत्पन्न होती है।
8 वर्षों से संघर्ष जारी
चौंदाटोला से जुनेवानी पहुंच मार्ग को बनाए जाने के लिए पिछले 8 वर्षों से संघर्ष किया जा रहा है। लेकिन आज तक किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों के अनुसार सडक़ निर्माण की मांग को लेकर सांसद, विधायक, जपं व जिपं सीईओ, कलेक्टर को भी आवेदन दिया जा चुका है। लेकिन आज तक सडक़ निर्माण के लिए किसी ने पहल नहीं की है। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
इनका कहना है
चौंदाटोला मुख्यमार्ग से जुनेवानी गांव तक 600 मीटर सडक़ पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो चुकी है। पिछले 8 वर्षों से सडक़ बनाए जाने की मांग की जा रही है। सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। किसी ने अभी तक गंभीरता नहीं दिखाई है।
-भूमेश्वरी गजेंद्र खरे, वार्ड क्रमांक 15 पंच
यह मामला मेरे संज्ञान में है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी भी दी है। ग्राम पंचायत टेमनी के ग्रामीणों ने जुनेवानी तक सडक़ बनाए जाने की मांग की है। विशेष निधि से इस सडक़ को बनवाया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो सकें।
-राजकुमार कर्राहे, विधायक, लांजी
Published on:
05 Aug 2024 10:42 pm
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